हमीरपुर। कोरोना कर्फ्यू के पहले दिन शुक्रवार को जिला मुख्यालय समेत सभी उपमंडलों के प्रमुख बाजार बंद रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कर्फ्यू का व्यापक असर नजर आया। पुलिस ने सभी बाजारों में निरीक्षण किया और लोगों को कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करने के लिए जागरूक किया। इसके साथ ही दुकानदारों को भी दुकानों के बाहर गोले लगाकर सामाजिक दूरी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। जिलाभर में आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़ शेष सभी दुकानें बंद रहीं।
राशन और सब्जियों की दुकानों पर भी दिनभर बहुत कम ग्राहक आए। सबसे अधिक नुकसान सब्जी और फल विक्रेताओं को हुआ। कई जगह शहर में सब्जी और फलों की दुकानों पर महज 100 से 150 रुपये की ही बिक्री हुई। हमीरपुर के गांधी चौक पर फल बेचने वाले सुरेश कुमार, नीरज और बेदी ने कहा कि कर्फ्यू के कारण ग्राहकों की बाजार में आमद बहुत कम रही। उन्होंने कहा कि वह दुकानें बंद कर दें तो सब्जियां और फल खराब हो जाएंगे। जिससे नुकसान और बढ़ सकता है। जिसके चलते दुकानें बंद भी नहीं कर सकते। वहीं, ग्राहक न आने से दिहाड़ी भी नहीं निकल रही।
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आज और कल लोकल रूट पर नहीं चलेंगी एचआरटीसी की बसें
जिला हमीरपुर में शनिवार और रविवार को लोकल रूटों पर बसें नहीं चलेंगी। सिर्फ लंबी दूरी के रूटों पर ही निगम की बसें अपने सेवाएं देंगी। निजी बस ऑपरेटर पहले से ही हड़ताल पर चल रहे हैं। इसके चलते लोगों को खासी दिक्कतें पेश आ सकती हैं। शुक्रवार को हमीरपुर में 12 लोकल रूटों और नौ लांग रूटों पर बसें चलीं। बसों में सामाजिक दूरी नियमों का पालन करते हुए 50 फीसदी क्षमता की शर्त का पालन किया गया, लेकिन कई जगह के लिए बसें न मिलने के कारण लोगों को बस अड्डे पर घंटों इंतजार करना पड़ा।