संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट हमीरपुर की अदालत ने 78 वर्षीय बुजुर्ग मां को 10 हजार रुपये मासिक भरण पोषण भत्ता देने के आदेश जारी किए हैं। सेना में कार्यरत अफसर बेटे को हर माह अपनी मां को यह भत्ता देना होगा।
मां की ओर से मासिक 50 हजार रुपये गुजारा भत्ते के साथ अटेंडेंट की मांग की गई थी। बुजुर्ग महिला ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि वह हृदय रोग की मरीज है, आय का कोई साधन नहीं है और बेटा सेना में अफसर है और उसकी मासिक आय लगभग 1.20 लाख रुपये है।
उन्होंने अदालत से अपने इलाज और देखभाल के लिए भरण-पोषण राशि की मांग की थी। बेटे की ओर से दायर जवाब में कहा गया कि मां को विधवा पेंशन मिलती है और वह पहले से भरण-पोषण प्राप्त कर रही हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि बेटे की आय याचिका में बताए अनुसार नहीं है और वह ऋण की किस्तें चुका रहा है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने पाया कि वृद्ध मां की देखभाल और जरूरतों की जिम्मेदारी बेटों की है। मां के अन्य दो बेटे भी है।
इनमें एक बेटा वकील है, जिसके माध्यम से मां ने अदालत में याचिका दायर की है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक केस का हवाला भी फैसले में दिया है।