हमीरपुर। जिले के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अब अपने उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के माध्यम से जिले के छह विकास खंडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
निजी कंपनियों के विशेषज्ञ महिलाओं को उत्पादों को बाजार के अनुरूप तैयार करने और ग्राहकों तक पहुंचाने की जानकारी देंगे। इसका उद्देश्य महिलाओं को उत्पाद तैयार करने के साथ उनकी बिक्री और विपणन से जोड़ना है।
वर्तमान में जिलेभर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अचार, पापड़, मसाले, खाद्य सामग्री, हस्तशिल्प और बांस से बने उत्पाद तैयार कर रही हैं। कई उत्पादों की स्थानीय स्तर पर मांग भी है, लेकिन सही पैकेजिंग, कीमत, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच की कमी के कारण समूहों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।
प्रशिक्षण में महिलाओं को उत्पाद के अनुसार पैकिंग सामग्री का चयन, पैकेट का आकार, मात्रा, कीमत और जरूरी जानकारी दर्ज करने के तरीके बताए जाएंगे। खाद्य उत्पादों के मामले में निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि सहित आवश्यक विवरण दर्ज करने की जानकारी भी दी जाएगी।
इसके अलावा स्थानीय बाजार के साथ ऑनलाइन बिक्री के विकल्पों से भी अवगत करवाया जाएगा। महिलाओं को मोबाइल और ऑनलाइन माध्यमों से उत्पादों का प्रचार करने की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे घर से ही अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगी।
कोट
महिलाओं को प्रशिक्षित करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण के उपरांत महिलाएं अपने उत्पाद ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से बेच सकेंगी।
-अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक सह परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास एजेंसी