हमीरपुर। जिलेभर के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विभाग ने सभी स्कूल प्रमुखों को प्रतिदिन डिजिटल उपकरणों के उपयोग का रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्मार्ट कक्षाओं के नियमित संचालन की निगरानी की जा सके।
निर्देशों के अनुसार किसी भी डिजिटल उपकरण में तकनीकी खराबी आने पर स्कूल प्रमुखों को इसकी सूचना तुरंत संबंधित तकनीकी एजेंसी और विभागीय अधिकारियों को देनी होगी। सूचना मिलने के बाद सात दिनों के भीतर उपकरण की मरम्मत या उसे बदलने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित समय में कार्य पूरा न होने पर इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को देनी होगी।
समय पर सूचना न देने वाले प्रभारियों से जवाब तलब किया जाएगा। उन्हें देरी का कारण लिखित रूप में स्पष्ट करना होगा। वर्तमान में जिले के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट रूम, कंप्यूटर, इंटरएक्टिव डिवाइस, क्यान प्रोजेक्टर सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण स्थापित किए गए हैं, लेकिन कई स्कूलों में खराब उपकरणों के कारण डिजिटल पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इसी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने डिजिटल संसाधनों के बेहतर उपयोग और रखरखाव को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं।
कोट
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कार्य किया जा रहा है। स्कूलों में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के शत-प्रतिशत प्रयोग को लेकर स्कूल प्रमुखों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
-कमल किशोर, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर