मैहरे (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल बड़सर में नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है, जिससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
करीब 50 हजार की आबादी को सेवाएं देने वाले इस अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण फ्रेक्चर, जोड़ों के दर्द और हड्डियों से जुड़ी अन्य बीमारियों के मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, नादौन या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ और सर्जन के पद स्वीकृत न होने के कारण गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
स्थानीय लोगों में विजय कुमार, अशोक शर्मा, राजेंद्र सिंह, कविता देवी, मनोज कुमार और सीमा देवी ने सरकार व स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल में जल्द हड्डी रोग विशेषज्ञ और सर्जन की तैनाती की जाए, ताकि लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिल सके।
लोगों का कहना है कि मामूली चोट या फ्रेक्चर की स्थिति में भी उन्हें हमीरपुर जाना पड़ता है, जिससे कई बार समय पर इलाज न मिलने से परेशानी और बढ़ जाती है।
कोट :
सिविल अस्पताल बड़सर को आदर्श स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया है। जल्द ही यहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाएगी। आदर्श स्वास्थ्य केंद्रों में पोस्ट पहले से ही स्वीकृत होती हैं। इनमें केवल तैनाती की जाती है।
-डॉ. अरविंद टंडन, बीएमओ, सिविल अस्पताल बड़सर