बीपीएल प्रमाण पत्र न मिलने से पुलिस भर्ती, सीआरपीएफ, आईटीबीपी भर्ती सहित अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने से सूबे के गरीब युवा वंचित हो सकते हैं। कई गांवों को एक पंचायत से दूसरी पंचायत में मर्ज किया गया है।
इसके चलते बीपीएल प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे। चार माह का समय बीतने के बाद भी पुरानी पंचायतों से बीपीएल परिवारों का रिकार्ड दूसरी पंचायतों में नहीं पहुंच पाया है। इससे बीपीएल प्रमाण पत्र प्राप्त करना युवाओं के लिए मुश्किल हो गया है।
बीपीएल प्रमाण पत्र के लिए युवक पंचायतों के चक्कर काट रहे हैं। अगर पुरानी पंचायत प्रमाण पत्र देती है तो प्रमाण पत्र पर पुरानी पंचायत का नाम दर्ज होगा जबकि युवक वर्तमान पंचायत में भी दर्ज हो चुके हैं। परिवार नकल सहित अन्य दस्तावेज वर्तमान पंचायत में मिल रहे हैं।
भर्ती आवेदन में गरीबी रेखा से नीचे जी रहे युवाओं ने बीपीएल का कॉलम भरा है। अब प्रमाण पत्र न मिलने से इनके हाथ से नौकरी का अवसर भी छिन रहा है। अगर समय पर बीपीएल प्रमाण पत्र नहीं मिला तो युवक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं।
हमीरपुर के दर्जनों गांवों को दूसरी पंचायतों में शामिल किया गया है। ऐसे गांवों के युवाओं को बीपीएल प्रमाण पत्र लेने में दिक्कतें हो रही हैं। ग्राम पंचायत प्रधान ऊखली सुशील कुमार ने बताया कि युवक बीपीएल सर्टिफिकेट लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
हालांकि, इन्हें पंचायत में प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे। ग्राम पंचायत पट्टा प्रधान दिनेश ठाकुर का कहना है कि पंचायत से कुछ गांवों को दूसरी पंचायत में मर्ज किया है। फिलहाल, इस पंचायत से बीपीएल प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं। समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को बताया गया है।
समस्या हल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बीपीएल परिवारों का रिकार्ड पंचायतों में भेजने का प्रबंध किया जाएगा। इस बारे में आला अधिकारियों को भी बताया जाएगा।
- निपुण जिंदल, कार्यकारी परियोजना अधिकारी, ग्रामीण विभाग विभाग