हमीरपुर। बेरोजगारी से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ीबाला ज्योली देवी की निशा कुमारी ने मिसाल पेश की है। निशा ने घर में एक साथ विभिन्न उत्पाद तैयार कर परिवार की आर्थिकी को सुदृढ करने का कार्य किया है।
निशा कुमारी मशरूम उगाने के साथ-साथ आचार, चटनी और हर्बल साबुन तैयार कर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। वह विभिन्न माध्यमों से प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये कमा रही हैं। परिवार के सदस्य भी उनके साथ सभी कार्यों में योगदान करते हैं, जिससे उन्हें कार्य करने में काफी आसानी होती है।
निशा कुमारी ने दो वर्ष पूर्व मशरूम प्लांट लगाने का निर्णय लिया। शुरुआती दौर में कईं कठिनाइयां आईं, लेकिन परिवार के सदस्यों के साथ और मजबूत इरादे के साथ उन्होंने अपना दूसरा कारोबार भी शुरू कर दिया। घर पर रहकर ही उन्होंने तुलसी के अर्क से हर्बल साबुन, आचार, चटनी, सोया चांप के अलावा विभिन्न प्रकार की सब्जियों की भी बिजाई शुरू की।
इसके बाद पति की सहायता से सामान को ट्रायल के तौर पर घर से ही दुकानों में भेजना शुरू किया। अब प्रत्येक माह दुकानदार उन्हें पहले ही डिमांड के हिसाब से सामान का ऑर्डर दे देते हैं, जिससे उन्हें घर बैठकर अब केवल सामान तैयार करना होता है।
निशा कुमारी के पति जीवन सिंह ट्रैक्टर चलाने, जबकि बुजुर्ग सास घर पर दो बच्चों के साथ अन्य कामों में हाथ बंटाती हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों के सहयोग से ही कार्य को करने की हिम्मत मिलती है।
ऐसे तैयार होता है हर्बल साबुन
साबुन बेस को गर्म पानी में पिघलाकर उसमें तुलसी के पत्तों का अर्क मिलाया जाता है। इसके बाद उसे सूखाने के लिए सांचे में डालकर दो दिन धूप में रखा जाता है। सूखने के बाद साबुन को पैक करने का कार्य शुरू होता है। साबुन की पैकिंग 75 ग्राम की होती है, जिसका दाम 45 रुपये रखा है।
निशा कुमारी घर पर हर्बल साबुन तैयार करते हुए। संवाद