मेलों का आयोजन न करने पर स्कूलों को जारी होंगे नोटिस
जिले के 400 स्कूलों में डाइट की टीम करेगी सर्वे का कार्य
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किया जाता है आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले के छह शिक्षा खंडों में प्राथमिक स्कूलों निपुण मेलों की मानिटरिंग होगी। मानिटरिंग के लिए जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान करौर की टीम स्कूलों में जाकर सर्वे करेगी। सर्वे में विशेष तौर पर निपुण मेलों का आयोजन कब और कितनी बार हुआ इसकी जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके बाद मेलों का आयोजन न करवाने वाले स्कूल प्रमुखों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को गणित, अंग्रेजी और हिंदी विषय में निपुण बनाने के लिए निपुण मेलों का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं ताकि तीन से नौ वर्ष तक के विद्यार्थियों को अंकगणित का ज्ञान और लिखने और पढ़ने में सक्षम बनाया जाएगा लेकिन उपनिदेशक कार्यालय से हुए सर्वे में पाया गया कि स्कूलों में निपुण मेलों का आयोजन लंबे समय से नहीं हुआ है। ऐसे में अब विभाग ने निजी तौर पर स्कूलों की मानिटरिंग करने का निर्णय लिया गया है। मानिटरिंग के बाद भी निपुण मेलों का आयोजन न कर पाने वाले स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।
वर्तमान में प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को निपुण भारत मिशन के तहत मुख्य रूप से तीन विषयों में पढ़ाई करवाई जा रही है। इनमें गणित में जमा-घटाव, अंग्रेजी में शब्द और हिंदी में उच्चारण और लिखावट में गलतियों के चलते विद्यार्थियों को पढ़ाई में दिक्कत हो रही है। इस समस्या को देखते निपुण भारत मिशन के तहत गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों के आधार को मजबूत कर स्कूल स्तर पर निपुण बनाया जा सके। विद्यार्थियों की निपुणता को जांचने के लिए मेलों के उपरांत टेस्ट लेने के निर्देश गए हैं लेकिन निजी कारणों से शिक्षक मेलों का आयोजन करने में लापरवाही बरत रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए सर्वे करवाया जा रहा है।
बाक्स:
निपुण भारत मिशन का लक्ष्य
निपुण भारत मिशन का लक्ष्य विद्यार्थियों में संख्या और भाषा की समझ बुनियादी रूप से विकसित करना है ताकि वे खुद पढ़ कर समझ सकें। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शुरुआती वर्षों में ही मजबूत शैक्षणिक आधार प्रदान करना है, ताकि स्कूल स्तर पर उनके विकास में सहायता हो सके।
कोट
निपुण मेलों के आयोजन को लेकर स्कूल प्रमुखों को निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि समय- समय पर मेलों का आयोजन किया जा सके। मेलों से विद्यार्थियों को कठिन विषयों को खेल खेल में सीखने में सुविधा मिलेगी। आयोजन न करने वाले स्कूल प्रमुखों को नोटिस जारी किए जायेंगे।
-नवीन कुमार, उपनिदेशक गुणवत्ता नियंत्रक, डीपीओ समग्र शिक्षा