क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में अब डिलिवरी के बाद नवजात के फुटप्रिंट लिए जाएंगे। साथ ही नवजात की मां के अंगूठे का निशान भी लिया जाएगा। गायनी विशेषज्ञ इसे डिलीवरी फाइल में अटैच करेगा। केएनएच अस्पताल में बच्चा बदलने के प्रकरण के बाद क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन ने यह निर्णय लिया है।
केएनएच अस्पताल में बच्चों की अदला-बदली मामला सामने आने के बाद क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन ने जच्चा-बच्चा दोनों के प्रिंट लेने की कवायद शुरू कर दी है जिससे बच्चों के बदलने का अंदेशा न रहे। अब अस्पताल प्रबंधन डिलिवरी के तुरंत बाद नवजात का फुटप्रिंट और मां के अंगूठे का निशान लेगा।
दोनों प्रिंट डिलिवरी फाइल में अटैच किए जाएंगे। डिलीवरी फाइल के एक कॉपी अस्पताल प्रबंधन के पास जबकि दूसरी प्रसूता महिला को अस्पताल से डिस्चार्ज करते समय सौंपी जाएगी। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के इस निर्णय का स्वागत किया है।
वहीं अस्पताल प्रबंधन प्रिंट्स के अलावा जल्द ही टैग सिस्टम भी शुरू करेगा। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने सैंपल के आधार पर टैग सिस्टम शुरू किया था, लेकिन सैंपल कम होने से इसे बंद कर दिया गया। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि जल्द ही टैग सिस्टम शुरू होगा।
एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि डिलिवरी के बाद नवजात के फुटप्रिंट और मां के अंगूठे का निशान लिया जा रहा है ताकि बच्चों की अदला-बदली की जरा भी आशंका न रहे।