प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सोमवार को किया प्लांट का निरीक्षण
मान खड्ड क्षेत्र में हवा को जहरीला बना रहा था हॉट मिक्स प्लांट से निकल रहा धुआं
जांच में प्लांट संचालन में पाई गईं कमियां, पानी की मिक्सिंग और सफाई में लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
धनेटा (हमीरपुर)। नादौन उपमंडल के पनसाई और धनेटा पंचायत की सीमा पर मान खड्ड में स्थापित तारकोल (बिटुमिन) हॉट मिक्स प्लांट का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सोमवार को कनिष्ठ अभियंता राहुल कुमार की अगुवाई में निरीक्षण किया। इस दौरान प्लांट के संचालन में भारी कोताही सामने आई है। उन्होंने कहा कि यहां पर प्लांट के वैट स्क्रबर में पानी समय पर नहीं बदला जा रहा था जिससे धुआं फिल्टर होने की बजाय सीधा चिमनी के जरिये हवा में मिल रहा था।
खास बात यह है कि एक सप्ताह पहले भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने यहां पर विजिट कर इस वैट स्क्रबर की सफाई सही ढंग से करने और पानी समय पर बदलने के निर्देश दिए थे । मौके पर अधिकारियों ने प्लांट के वैट स्क्रबर के पानी दो से तीन घंटे की अवधि में बदलने की हिदायत दी है।
लंबे समय से प्लांट से निकल रहा धुआं और उड़ती धूल आसपास के गांवों में फैलकर लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रही है। हालात ऐसे हैं कि पनसाई, डोहग, डढूं, बेहा, मांजरा और दरताल के सैकड़ों ग्रामीण इससे प्रभावित हैं। प्लांट की लोकेशन के साथ इसकी संचालन व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह प्लांट प्राथमिक स्कूल बेहा से करीब 400 मीटर, रिहायशी क्षेत्र से महज 150 मीटर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनेटा से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में यहां से निकलने वाले धुएं से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए खतरा है। प्लांट संचालक को बोर्ड की ओर से मंगलवार को नोटिस जारी किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्लाट की सफाई करवाई जिसके बाद चिमनी से मानकों के तहत तय सफेद धुआं ही निकला।
इसलिए घातक है काला गाढ़ा धुआं
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे प्लांट से निकलने वाले धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कण मौजूद होते हैं, जो लंबे समय तक संपर्क में रहने पर दमा, फेफड़ों के संक्रमण और हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकते हैं। यह सांस से जुड़े गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। त्वचा रोग भी इस कारण बढ़ सकते हैं। धुएं की मात्रा ही बल्कि इस प्लांट से कितनी घातक गैस निकल रही है इसका आकलन फिलहाल बोर्ड की टीम ने नहीं किया है लेकिन यदि यह कोताही जारी रहेगी तो सैंपल भी बोर्ड की ओर से लिए जाएंगे।