मुख्यमंत्री से विधायकों, अध्यक्षों और अपना वेतन कम करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (सीटू) ने प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के वेतन में तीन प्रतिशत कटौती के प्रस्ताव का विरोध किया है। हमीरपुर में मीडिया को दिए बयान में राज्य सचिव मंडल सदस्य डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इस कारण कर्मचारियों व आम जनता का जीवन यापन मुश्किल हो गया है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 के बाद से नियमित कर्मचारियों और पेंशन धारकों को बढ़े हुए वेतन भत्तों का एरियर तक नहीं दिया है।
प्रदेश सरकार अपने फिजूल खर्चों को रोक नहीं रही है। मुख्यमंत्री, विधायकों, अध्यक्षों आदि के वेतन भत्ते बहुत ज्यादा बढ़ा दिए हैं। सभी जिलों में कई अधिकारियों की सरकारी गाड़ियां, उनके बच्चों को स्कूल में छोड़ने, घर लाने और परिवार के अन्य सदस्यों के निजी प्रयोग में लाई जा रही हैं। प्रदेश सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री को पहल कर अपना वेतन कम करना चाहिए। विधायकों, अध्यक्षों के वेतन भी कम किया जाए। पूर्व विधायकों को पंजाब की तर्ज पर एक ही पेंशन दी जाए।