हमीरपुर। ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान नेरी और इतिहास विभाग राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के संयुक्त तत्वावधान चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शिक्षा, भाषा कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में अनेकों कलाकार ऐसे हैं जो प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कहा कि गांव में ऐसी इन सब छिपी हुई प्रतिभाओं की तलाशने की आवश्यकता है। क ार्यशाला संयोजक डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने कार्यक्रम की जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरुआत असीम और विशाखा ने विद्या की देवी मां सरस्वती की वंदना से की। कार्यक्रम की अध्यक्षता गणनायक डायरेक्टर जनरल राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय नई दिल्ली के डॉ. आदित्य ने की। उन्होंने कहा कि कलाकारों का देश की कला, संस्कृति और धरोहर के संरक्षण के लिए अति महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शोध संस्थान नेरी के निदेशक व कार्यशाला के मुख्य संरक्षक डॉ. चेतराम गर्ग ने कहा कि शोध संस्थान द्वारा आयोजित यह दूसरी कार्यशाला है। नवोदित कलाकार इस पहाड़ी चित्रकला कार्यशाला में कांगड़ा चित्रकला की बारीकियां को समझेंगे। ललित कला अकादमी नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. नंदलाल ने इस मौके पर पहाड़ी चित्रकला की विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी। राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर की प्राचार्य और कार्यशाला संरक्षक डॉ. अंजू बत्ता सहगल ने मुख्य अतिथि, कार्यक्रम अध्यक्ष व उपस्थित सभी का धन्यवाद किया। कार्यशाला में प्रशिक्षक सुरेश कुमार, चित्रकार पहाड़ी चित्रकला जिला कांगड़ा डॉ कर्म सिंह, सचिव हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शोध संस्थान महासचिव भूमि दत्त शर्मा, निदेशक प्रोफ्रे सर भाग सिंह चौहान, प्रोफेसर ओपी शर्मा, प्यार चंद परमार, संजय कुमार, डॉ. संजय कांगो, डॉ. मनोज डोगरा, डॉ. प्रमोज कुमार ने भाग लिया।