रंगस/हमीरपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन के तहत आते रंगस क्षेत्र में फैले डायरिया का जायजा लेने उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बुधवार को यहां पहुंचे। लेकिन, डायरिया प्रभावित किसी भी मरीज व उनके परिजन का कुशलक्षेम जाने ही वह शिमला के लिए रवाना हो गए। उप मुख्यमंत्री ने पहले हमीरपुर के सलासी स्थित जलशक्ति विभाग के विश्रामगृह में जलशक्ति, स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की और उसके बाद रंगस में जलशक्ति विभाग की पेयजल स्कीमों का निरीक्षण किया।इसके बाद वह शिमला के लिए रवाना हो गए। प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कुशलक्षेम न पूछने पर स्थानीय लोगों ने रोष प्रकट किया। पंचायत समिति सदस्य संतोष कुमारी, सुषमा कुमारी, रितु, इशू व सुरजीत आदि ने कहा कि उप मुख्यमंत्री डायरिया फैलने के पांचवें दिन हमीरपुर आए, लेकिन प्रभावितों का हाल तक नहीं जाना। इससे ग्रामीणों में रोष है। वहीं, उपमुख्यमंत्री के दौरे की भनक लगते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बुधवार को सुबह ही प्रभावित क्षेत्र में टीम भेजकर मेडिकल कैंप लगा दिया। जबकि, पिछले चार दिन तक यहां कोई चिकित्सा शिविर का आयोजन नहीं किया गया। बुधवार को डायरिया के 26 नए मामले सामने आए। इसके बाद क्षेत्र में डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या 999 पहुंच गई। दो मरीज अस्पताल में उपचाराधीन हैं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जोल सप्पड़ की पेयजल योजनाएं भी खनन से प्रभावित हुई हैं। इसे देखते हुए प्रदेश भर की पेयजल योजनाओं के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। जोल सप्पड़ क्षेत्र में डायरिया फैलने के मामले में जल शक्ति विभाग बहुत ही कड़े कदम उठाने जा रहा है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी पेयजल योजनाओं के स्रोतों की जांच के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी।
डायरिया से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा-
28 जनवरी 193
29 जनवरी
340
30 जनवरी
335
31 जनवरी
105
01 फरवरी
026
कुल मरीज 999
बाक्स : मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण में लगे मजदूर खुले में कर रहे शौच
जोलसप्पड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भवन निर्माण कार्य में करीब डेढ़ हजार मजदूर लगे हैं। लेकिन, इनके लिए शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है। मजदूर खुले में शौच कर रहे हैं। बारिश के बाद यह गंदगी पेयजल स्रोतों को दूषित कर रही है। वहीं, कुछ गांवों में लोगों के घरों से निकलने वाली गंदगी भी कुनाह खड्ड में मिलने की बात कही जा रही है।
जिले में सभी जलस्रोतों की सफाई सुनिश्चित करने के दिए हैं निर्देश
हमीरपुर। उपायुक्त देबश्वेता बनिक ने बताया कि नादौन उपमंडल के जोल सप्पड़ क्षेत्र के विभिन्न गांवों में डायरिया के मामलों में अब काफी कमी आई है और स्थिति नियंत्रण में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुधवार को भी क्षेत्र के गांवों में स्क्रीनिंग जारी रखी। इस दौरान 26 लोगों में डायरिया के लक्षण पाए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभी तक 57 गांवों में लोगों की स्क्रीनिंग कर चुकी हैं। स्क्रीनिंग के दौरान पाए गए मामलों की कुल संख्या 999 तक पहुंच गई है, लेकिन इनमें से केवल दो लोग ही अस्पताल में उपचाराधीन हैं। अन्य लोगों को घर पर ही पर्याप्त दवाइयां और ओआरएस के पैकेट उपलब्ध करवाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से भी एहतियात बरतने की अपील करते हुए कहा कि सभी लोग पानी उबालकर ही पीएं।
ड्रोन से पकड़ में आया अवैध खनन करता ट्रैक्टर चालक
रंगस(हमीरपुर)। पुलिस थाना नादौन की टीम ने बुधवार शाम को जोलसप्पड़ क्षेत्र के आसपास ड्रोन उड़ा कर अवैध खनन का पता लगाया। टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोलसप्पड़ के खेल मैदान से सर्वे के दौरान एक ड्रोन को उड़ाया, ताकि अवैध खनन करने वालों का पता लगाया जा सके। उन्होंने ड्रोन के माध्यम से कुणाह खड्ड के आसपास करीब पांच किलोमीटर की दूरी तक सर्वेक्षण किया। टीम इंचार्ज ईएसआई यशपाल सिंह ने कहा कि जोलसप्पड़ क्षेत्र में डायरिया के मामले बढ़ने के उपरांत मचे हड़कंप में अवैध खनन का मामला भी प्रशासन के ध्यान में आया है। इसे लेकर क्षेत्र के तहत ड्रोन के माध्यम से बुधवार शाम के समय एक सर्वेक्षण किया गया है। इस दौरान अवैध खनन करके रेत भरकर ला रहे ट्रैक्टर चालक का ड्रोन की सहायता से लोकेशन का पता करके चालान भी किया गया है।