धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला ने दाड़ी मैदान में लगने वाले ट्रेड फेयर की अनुमति को रद्द कर दिया है। यह निर्णय वीरवार को नगर निगम कार्यालय में हुई फाइनांस कमेटी की बैठक में लिया गया है। नगर निगम ने यह निर्णय हाल ही में हुए कांगड़ा वैली कार्निवल के चलते लिया है। दोनों कार्निवल में अंतर न रहने और व्यापार मंडलों की ओर से किए गए विरोध के बाद अनुमति को रद्द किया गया है।
इसके साथ ही अब नगर निगम के मैदानों पर केवल पांच दिन का ही मेला लगाने की अनुमति मिलेगी। इससे पहले नगर निगम की ओर से मेला लगाने का समय निर्धारित नहीं था और 10 दिन की अनुमति दी जाती थी जबकि मेले इसके बाद भी चले रहते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यह निर्णय धर्मशाला के लोकल व्यापारियों की ओर से लगातार किए गए रहे विरोध के बाद लिया गया है। नगर निगम की ओर से आयोजित बैठक के बाद आयुक्त जफर इकबाल की ओर से प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के मैदानों पर मेला लगाने या किसी अन्य गतिविधि को करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अनुमति लेनी होगी। फाइनांस समिति की ओर से गतिविधि करवाने के लिए केवल पांच दिन का समय दिया जाएगा जबकि मेले से दो दिन पहले और मेले के बाद दो दिन का समय सामान लगाने और उठाने के लिए दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फाइनांस कमेटी की ओर से व्यापारिक मेला लगाने के लिए मैदान की फीस में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले नगर निगम की ओर से मैदान का प्रतिदिन केवल 21,000 रुपये शुल्क लिया जाता था। अब नगर निगम की ओर से प्रतिदिन एक लाख रुपये की राशि शुल्क के रूप में ली जाएगी। यदि मेला निर्धारित तिथि से एक दिन भी अधिक चलता है तो उसे प्रतिदिन की फीस का दोगुना शुल्क देना होगा। इकबाल ने कहा कि अब नगर निगम के मैदानों में केवल सांस्कृतिक, सोशल, विभागीय व अन्य गतिविधियों के लिए ही दिया जाएगा। नगर निगम के मैदान ट्रेड फेयर के लिए नहीं बनाए गए हैं। साथ ही उन्होंने व्यापार मंडल से मेला लगाने की एनओसी को लेकर कहा कि यह आवश्यक नहीं है।