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Hamirpur (Himachal) News: लाहलड़ी गांव में गमलों में तैयार कर दिए मोरिंगा सहजन के पौधे

Sun, 29 Jun 2025 12:33 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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लाहलड़ी निवासी  प्रगतिशील किसान परविंद्र कुमार ड्रमस्टिम की फलियों को दिखाते हुए। स्रोत: जागरूक
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पौधों में लगी फलियां, बाजार में ड्रमस्टिकस की 250 रुपये प्रतिकिलो है कीमत
लाहलड़ी निवासी प्रगतिशील किसान परविंद्र कुमार ने गत वर्ष 150 पौधों की उगाई थी पौध
संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। गर्म क्षेत्रों में पैदा होने वाला मोरिंगा सहजन के पौधे को लाहलड़ी गांव के प्रगतिशील किसान परविंद्र कुमार ने घर पर गमले में तैयार कर लिया है। गमले में लगाए इन पौधों में अब फूल और ड्रमस्टिकस लग गई हैं।
एक वर्ष पूर्व लाहलड़ी निवासी परविंद्र कुमार ने 150 पौधों की पौध उगाई थी। काफी समय तक देखरेख करने के बाद उन्होंने यह सफलता प्राप्त की है। इसके चलते हर कोई पौधों पर लगी हुई ड्रमस्टिकस को देख हैरान है। वर्तमान में बाजार में ड्रमस्टिक की कीमत 250 रुपये प्रति किलो है। डिमांड अधिक होने के कारण कुछेक दुकानों में ही इसकी सब्जी मिल पाती है।
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मोरिंगा पौधे के फूल से लेकर पतों का भी स्वास्थ्य के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके चलते यह पौधा पूरी तरह से आयुर्वेदिक माना जाता है। किसान परविंद्र कुमार ने बताया कि मोरिंगा के पौधे पिछले साल लगाए थे और गमले में पौधों का कार्यकाल सफल रहा। इस बार भी 70 पौधे लगाए हैं। मोरिंगा की बाजार में भी काफी डिंमाड है। बाजार में ड्रमस्टिकस की अच्छी कीमत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह पौधा आमतौर पर मौसम के अनुसार गर्म क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है। हिमाचल में तापमान कम होने के कारण पौधा कम ही चलता है। ऐसे में गमले में पौधे की अच्छी पैदावार को लेकर विशेष ध्यान रखा गया, जिसके उपरांत यह सफलता प्राप्त हुई है।
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यह होते है स्वास्थ्य लाभ

मोरिंगा सहजन के पत्ते विटामिन ए, सी और आयरन से भरपूर होते हैं, जो एक स्वस्थ और सक्रिय प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रबंधित करने में मदद कर सकते हैं, इसलिए रोजाना 10 से 12 मोरिंगा के पत्ते खाने से रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलती है। इसके अलावा त्वचा चमकदार बनाने और बालों को मजबूत बनाने में काफी सहायता करता है। वहीं, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भूरपूर मात्रा में होते हैं, जो कि चोट, सूजन को कम करने में सहायता करते हैं।

लाहलड़ी निवासी  प्रगतिशील किसान परविंद्र कुमार ड्रमस्टिम की फलियों को दिखाते हुए। स्रोत: जागरूक

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