मैहरे (हमीरपुर)। मिनी सचिवालय बड़सर में आग की किसी भी संभावित घटना से निपटने के लिए मौजूदा सुरक्षा प्रबंधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। भवन में लगाए अग्निशामक यंत्रों पर ही सुरक्षा व्यवस्था आधारित है, जो नाकाफी मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार परिसर में करीब 40 अग्निशामक यंत्र लगाए गए हैं, जिनमें ड्राई पाउडर भरा हुआ है। हालांकि इन यंत्रों पर अंकित तिथि को लेकर भी भ्रम की स्थिति है, क्योंकि वर्ष 2024 को काले रंग से ढक दिया गया है, जिससे उनकी वैधता और एक्सपायरी का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी बहुमंजिला सरकारी भवन में फायर सेफ्टी के मानकों के तहत फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, इमरजेंसी एग्जिट, हाइड्रेंट लाइन, पर्याप्त पानी की टंकी, इमरजेंसी लाइटिंग और नियमित फायर ड्रिल जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होती हैं, लेकिन मिनी सचिवालय में इन व्यवस्थाओं की स्थिति को लेकर स्पष्टता नहीं है।
भवन में रोजाना एसडीएम कार्यालय, तहसील और अन्य सरकारी विभागों के साथ बड़ी संख्या में आम जनता की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी शार्ट सर्किट या आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन में फायर अलार्म और ऑटोमेटिक चेतावनी प्रणाली की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। कई स्थानों पर आपातकालीन निकासी संकेतक भी सही ढंग से नजर नहीं आते। बिजली गुल होने या धुआं फैलने की स्थिति में लोगों की सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है।
कोट :
मिनी सचिवालय में आग की घटना से निपटने के लिए अग्निशामक यंत्र लगाए गए हैं। यहां पर फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया जाना अनिवार्य है। शीघ्र ही इस संबंध में बैठक आयोजित की जाएगी और इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
-स्वाति डोगरा, एसडीएम बड़सर
मिनी सचिवालय के परिसर में लगाया अग्निशामक यंत्र। संवाद
मिनी सचिवालय के परिसर में लगाया अग्निशामक यंत्र। संवाद