हमीरपुर। थाना क्षेत्र नादौन के अंतर्गत नाबालिग लड़कियों की शादी के मामले में जांच प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को प्रवासी लड़की का बयान बाल संरक्षण इकाई हमीरपुर के समक्ष दर्ज किया गया। दस्तावेजों की जांच और बयान दर्ज कराने के लिए लड़की की बुआ भी उपस्थित रहीं।
दस्तावेजों की जांच के बाद प्रवासी लड़की को परिजनों के हवाले कर दिया गया है। साथ ही बाल संरक्षण इकाई ने निर्देश दिए हैं कि लड़की प्रसव होने तक मायके में ही रहे और जांच प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी बाहरी राज्य में न जाए।
इससे पहले बीते सोमवार को दोनों लड़कियों के बयान और दस्तावेजों की जांच बाल संरक्षण इकाई में की गई थी। उस दौरान हिमाचल प्रदेश निवासी लड़की के परिजन आवश्यक दस्तावेज लेकर पहुंचे थे, जबकि प्रवासी लड़की दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाई थी, जिसके चलते उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था।
गौर हो कि बीते सप्ताह शुक्रवार को नादौन थाना में दो नाबालिग लड़कियों की शादी की शिकायत दर्ज हुई थी। जांच के दौरान नादौन अस्पताल में दोनों लड़कियां गर्भवती पाई गईं। आधार कार्ड के अनुसार एक लड़की की आयु 17 वर्ष 8 माह और दूसरी की 15 वर्ष बताई गई।
अस्पताल प्रशासन की शिकायत के बाद मामला नादौन थाना में पंजीकृत किया गया और अब आगे की जांच जारी है।
कोट
प्रवासी लड़की के परिजनों को जांच में शामिल करने के लिए बुलाया गया था। प्रवासी लड़की को परिजनों के हवाले कर दिया गया है। प्रसव होने तक लड़की मायका पक्ष और नादौन में ही रहेगी।
-मनीष राणा, अध्यक्ष, जिला बाल संरक्षण इकाई