हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड इंप्लाइज, इंजीनियर व पेंशनरों की संयुक्त एक्शन कमेटी की बैठक हमीरपुर में संपन्न हुई। कमेटी के संयोजक ई लोकेश ठाकुर ने बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में जेएसी के संयोजक लोकेश ठाकुर और सह-संयोजक हीरा लाल वर्मा ने बताया कि बिजली बोर्ड सरकार व प्रबंधन की ओर से किए जा रहे नए-नए प्रयोगों के कारण तेजी से बदहाली की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बिजली बोर्ड प्रबंधन की ओर से बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर इकट्ठे होने पर संपूर्ण प्रतिबंध का विरोध किया।
वहीं, प्रबंधन को 21 दिन का नोटिस दिया गया है कि धरना-प्रदर्शन के बारे में जारी आदेश को निरस्त किया जाए। इसके अलावा संयुक्त एक्शन कमेटी को वार्ता के लिए बुलाया जाए।
बिजली बोर्ड में नई भतियों की मांग की है। बिजली बोर्ड में युक्तीकरण के नाम पर पदों को समाप्त करने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए। उन्होंने बताया कि पहले जहां बोर्ड में 43 हजार कर्मी थे, आज मात्र 13 हजार रह गए हैं।
उन्होंने बिजली बोर्ड में 66 केवी व ऊपर के बिजली उपकेंद्रों के अपग्रेडेशन कर्यों को प्रदेश संचार निगम को देने का विरोध किया। इसे वर्ष 2010 के पुनर्गठन योजना के मूल्यों के विपरीत बताया है। इससे जहां एक ओर इन कार्यों में देरी होगी, वहीं उपभोक्ताओं के ऊपर खर्चों का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
स्मार्ट बिजली मीटर योजना को बताया गलत
उन्होंने कहा बिजली बोर्ड़ एक तकनीकी संस्थान है। इसको सही दिशा देने के लिए प्रबंधन स्तर पर अनुभवी व तकनीकी अधिकारियों का बहुमत में होना जरूरी है, लेकिन आज प्रबंधन वर्ग में अनुभवहीन, अपरिपक्व अधिकारी बैठे है। उन्होंने बिजली बोर्ड में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इस पर तुरंत रोक लगाने की जरूरत है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ संयुक्त एक्शन कमेटी चार्जशीट तैयार करेगी और उसको सरकार को भेजेगी। स्मार्ट बिजली मीटर को उन्होंने गलत योजना बताया है। इस अवसर पर अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।