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अस्थियां एकत्रित कर रहे परिजनों पर गिरा श्मशानघाट का लेंटर, बाल-बाल बचे

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भोरंज उपमंडल के भरमोटी में श्मशानघाट के गिरे लेंटल के मलबे को हटाते लोग। - फोटो : Hamirpur-HP
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जाहू (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज की ग्राम पंचायत बाहन्वीं के तहत आते गांव भरमोटी का श्मशानघाट बुधवार को अचानक जमींदोज हो गया। बुजुर्ग महिला की अस्थियां एकत्रित करने गए परिजन श्मशानघाट का लेंटर गिरने से बाल-बाल बचे। श्मशानघाट का लेंटल गिरता देख आधा दर्जन लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई है। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया है। भरमोटी गांव में बुजुर्ग महिला की तीन दिन पहले मौत हो गई थी। महिला का अंतिम संस्कार भरमोटी गांव के साथ बने श्मशानघाट में किया गया। बुधवार सुबह जब परिजन और ग्रामीण श्मशानघाट पर अस्थियां धोने व एकत्रित करने गए तो कुछ ही समय में श्मशानघाट का लेंटर धड़ाम से गिर गया। इससे सभी सदस्य लेंटर की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। लेंटल का मलबा श्मशानघाट के फर्श पर पड़ गया। इससे अस्थियां मलबे के नीचे दब गई। बाद में लेंटर के मलबे और उसके हिस्से को तोड़कर वहां से हटाया गया और अस्थियों को एकत्रित किया गया।
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इस घटना से सभी लोग सहमे हुए हैं। बाहन्वी पंचायत प्रतिनिधि सुरेश कुमार, प्रकाश चंद, कर्म चंद, विनोद कुमार, विनय कुमार, मोनू, अनिल कुमार, पृथी चंद, सतीश कुमार ने कहा कि श्मशानघाट का लेंटर गिरा है। लोग वहां अस्थियां एकत्रित कर रहे थे। हादसे में लोग बाल-बाल बचे हैं। इस घटना से किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई है। बता दें कि कई अन्य पंचायतों में सालों पहले बने श्मशानघाटों के लेंटर जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। अगर समय रहते इनकी मरम्मत नहीं की गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। श्मशानघाटों के निर्माण के बाद इनकी मरम्मत लंबे समय से नहीं हो रही है। जाहू, मुंडखर, भौंखर, कडोहता, भलवानी, बडैहर और धमरोल में पंचायतों में बने कुछ श्मशानघाटों की दशा खस्ता बनी हुई है। उधर, बाहन्वीं पंचायत प्रधान दीप चंद का कहना है कि श्मशानघाट का लेंटर गिरने की सूचना मिलते ही मौका देखा गया। बारिश कि वजह सेे लेंटर गिरा है। उन्होंने कहा कि इसकी मरम्मत करवाकर लेंटल डाला जाएगा।
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