हमीरपुर। गांव हरनेड़ के ललित कालिया ने प्राकृतिक खेती से चने की अच्छी पैदावार हासिल कर अन्य किसानों के लिए मिसाल पेश की है। इस बार उन्होंने गेहूं के साथ चने की बुआई की, जिससे लगभग 75 किलोग्राम चने का उत्पादन मिला।
वे किसी भी प्रकार की रासायनिक खाद या कीटनाशक का प्रयोग नहीं करते। इससे पहले उन्होंने 18 मरले भूमि में गन्ना उगाकर पहले ही सीजन में लगभग 70 किलोग्राम शक्कर तैयार की थी।
ललित कालिया देसी बीजों के संरक्षण में भी जुटे हैं और उन्होंने अपने घर में गेहूं, मक्की, जौ सहित कई मोटे अनाज व दलहनी फसलों का बीज बैंक तैयार किया है। उनके पास गेहूं की आठ देसी किस्मों के साथ-साथ मंढल, कोदरा, कौंगणी और बाजरा जैसे पारंपरिक अनाजों के बीज भी उपलब्ध हैं। संवाद