फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur (Himachal) News: मौत के साए में मजदूरी... निर्माण स्थल से महज पांच फीट ऊपर झूलती थ्री-फेज लाइन बनी खतरा

Wed, 10 Jun 2026 12:32 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
विज्ञापन
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ के समीप रैंप वॉक से ऊपर गुजर रही थ्री  फेस लाइन के नीचे काम
विज्ञापन
पंकज राणा
विज्ञापन

रंगस (हमीरपुर)। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ परिसर में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां रैंप निर्माण के ठीक ऊपर से गुजर रही थ्री-फेज बिजली लाइन मजदूरों के लिए गंभीर खतरा बन गई है।
बताया जा रहा है कि कई जगहों पर लाइन की ऊंचाई महज करीब पांच फीट रह गई है, जिससे मजदूरों को झुककर काम करना पड़ रहा है। परिसर में रोजाना दर्जनों मजदूर सरिया, शटरिंग, लोहे के पाइप और अन्य भारी उपकरणों के साथ काम कर रहे हैं, ऐसे में करंट लगने या बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
विज्ञापन

निर्माण कंपनी की ओर से बिजली बोर्ड को इस लाइन को शिफ्ट करने के लिए तीन बार लिखित अनुरोध भेजा जा चुका है, लेकिन महीनों बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। निर्माण लगातार जारी रहने से मजदूरों को हर पल जोखिम के बीच काम करना पड़ रहा है।
मजदूरों का कहना है कि नीचे झूलती बिजली लाइन के कारण काम करते समय हमेशा डर बना रहता है, क्योंकि किसी भी समय सरिया या लोहे का उपकरण लाइन के संपर्क में आ सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
फिलहाल परिसर में निर्माण चल रहा है, लेकिन आने वाले समय में यहां मेडिकल कॉलेज की ओपीडी शिफ्ट की जानी है। ऐसे में मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे यह खतरा केवल मजदूरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। संवाद
कंपनी ने कई बार उठाया मुद्दा, आश्वासन मिले, कार्रवाई नहीं हुई
निर्माण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार काम शुरू होने से पहले और बाद में कई बार बिजली बोर्ड को पत्र भेजे गए हैं। हर बार जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिला, लेकिन मौके पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब खतरा स्पष्ट दिखाई दे रहा है और बोर्ड को इसकी जानकारी भी है, तब भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।

कोट्स
समस्या ध्यान में है। संबंधित कनिष्ठ अभियंता को मौका देखकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समस्या का उचित और स्थायी समाधान किया जा सके। -संदीप, सहायक अभियंता, बिजली उपमंडल, रंगस

कंपनी की ओर से कई बार लाइन शिफ्ट करने की मांग की गई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
-योगराज शर्मा, ठेकेदार, निर्माण कंपनी
रोजाना बिजली की इस लाइन के नीचे काम करते हैं। सरिया और अन्य सामान उठाते समय हमेशा डर बना रहता है कि कहीं लाइन की चपेट में न आ जाएं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिएं। -मोहम्मद इकबाल, मजदूर
निर्माण के दौरान कई बार मशीनें और सामग्री बिजली लाइन के काफी करीब पहुंच जाती हैं। अगर लाइन समय रहते नहीं हटाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। -राकेश चौहान, मजदूर
विज्ञापन

परिवार के पालन-पोषण के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन हर दिन जान जोखिम में डाल काम करना पड़ रहा है। विभाग को इस समस्या का जल्द समाधान करवाना चाहिए। -रियाज अहमद, मजदूर

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ के समीप रैंप वॉक से ऊपर गुजर रही थ्री  फेस लाइन के नीचे काम

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ के समीप रैंप वॉक से ऊपर गुजर रही थ्री  फेस लाइन के नीचे काम

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ के समीप रैंप वॉक से ऊपर गुजर रही थ्री  फेस लाइन के नीचे काम

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ के समीप रैंप वॉक से ऊपर गुजर रही थ्री  फेस लाइन के नीचे काम

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें