किरवीं की ज्योति घर पर सिलाई का काम करते हुए। संवाद
हमीरपुर। ग्राम किरवीं की ज्योति सिलाई-कढ़ाई के अपने हुनर को रोजगार का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भर बनी हैं। कभी घर के कामकाज तक सीमित रहने वाली ज्योति आज घर बैठे हर माह पांच से आठ हजार रुपये की आमदनी अर्जित कर रही हैं।
उन्होंने घर से ही सिलाई और डिजाइनिंग का काम शुरू किया। मेहनत और बेहतर काम के चलते गांव और आसपास के क्षेत्रों से लोग कपड़ों की सिलाई और कढ़ाई के लिए उनसे संपर्क करने लगे।
त्योहारों और विवाह समारोहों के लिए तैयार होने वाले परिधानों पर कढ़ाई की विशेष मांग रहती है। अब ज्योति गांव की अन्य युवतियों को भी सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही हैं।
वह उन्हें कटिंग, सिलाई, डिजाइनिंग और कढ़ाई की बारीकियां सिखाती हैं। ज्योति के पति पेंटर का काम करते हैं, जबकि उनके तीन बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।