हमीरपुर। प्रदेश सरकार के दो साल ट्रेनी कर्मचारी रखने के फरमानों का विधायक आशीष शर्मा ने विरोध जताते हुए इस निर्णय को युवाओं के साथ भद्दा मजाक करार दिया है। मीडिया को दिए बयान में विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि सरकार अगर इस फरमान को वापस नहीं लेती है, तो आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में इसका विरोध किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस सरकार ने जहां पांच लाख सरकारी नौकरियां देने की घोषणा की थी, वहीं यह नौकरियां तो क्या देनी, लेकिन अब जॉब ट्रेनी भर्ती वाली नौकरियां देने के फरमान जारी किए हैं। इससे प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य को खतरा पैदा हो गया है। दो साल तक प्रदेश में कर्मचारी महज जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्त होंगे और दो सालों के बाद उन्हें उसी नौकरी को पाने के लिए टेस्ट देना होगा। इससे युवाओं में भारी रोष है और वह खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उन्हें अब सरकार के फरमानों के अनुसार नौकरी को पाने के लिए पहले जॉब ट्रेनी के रूप में कार्य करना होगा और उसके बाद उसी पद के लिए दोबारा परीक्षा देनी होगी। अनुबंध आधार पर भर्ती कर कर्मचारियों को भर्ती नियमों के तहत नियमित किया जाए। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ मंजूर नहीं होगा। अगर सरकार जल्द इन फरमानों को वापस नहीं लेती है, तो आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में इसका विरोध किया जाएगा।