बिझड़ी (हमीरपुर)। जंगलों की आग बुझाने के लिए दमकल विभाग को पानी लाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पानी के लिए विभाग को बोरवेल और प्राकृतिक जल स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है। जल शक्ति विभाग की ओर से पानी देने में की जा रही आनाकानी विभाग के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
आग की घटनाओं के मामले में सबसे अधिक सक्रिय बीट बिझड़ी के कुआं चौक और खुरपड़ी चौक पर पेयजल टैंकों से हाइड्रेंट लगाए गए हैं, ताकि दमकल विभाग को पानी भरने में परेशानी का सामना न करना पड़े। मगर बढ़ती गर्मी और सूखे के कारण जलस्तर गिर गया है। इस कारण अब जल शक्ति विभाग, दमकल विभाग को पानी देने में आनाकानी कर रहा है। इससे दमकल कर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जल शक्ति विभाग की मानें तो पहले प्राथमिकता लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने की है। जल शक्ति विभाग के टैंकों से अग्निशमन चौकी की गाड़ियों को पानी नहीं दिया जा सकता। ऐसे में आपात स्थिति में दमकल चौकी बिझड़ी के कर्मचारियों को अपनी गाड़ियों में पानी भरने के लिए पेयजल स्रोतों का रुख करना पड़ रहा है।
बीते शनिवार को चलसाई बीट में आग के दौरान अग्निशमन विभाग की गाड़ी में पानी समाप्त हो गया। टैंक को दोबारा भरने के लिए काफी समय बर्बाद हुआ। इससे कर्मचारियों को आग बुझाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
उधर, दमकल चौकी बिझड़ी के प्रभारी रतन चंद शर्मा ने कहा की जल शक्ति विभाग के टैंकों से जो हाइड्रेंट लगे हुए हैं, उनसे पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे उन्हें बोरवेल और प्राकृतिक जल स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जलशक्ति विभाग मंडल बड़सर के अधिशासी अभियंता डीआर चौहान ने कहा कि जल स्रोतों में पानी की कमी आ गई है। इस वजह से दिक्कत पेश आ रही है। पेयजल सप्लाई के समय में भी कटौती करनी पड़ रही है।