यूक्रेन में मदद करने वाला घिरथेड़ी का अनन्य शर्मा।
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रंगस (नादौन)। जिला हमीरपुर की ग्राम पंचायत सासन के गांव घिरथेड़ी के अनन्य शर्मा ने यूक्रेन में हौसला दिखाते हुए देश के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को पैदल ले जाकर ग्रामीण क्षेत्र में शरण दिलाई है। अनन्य दिसंबर 2021 से यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। रूस-यूक्रेन में अचानक युद्ध होने पर उनकी पढ़ाई ही प्रभावित नहीं हुई, बल्कि जान भी जोखिम में है। पिता संजीव शर्मा ने बताया कि अनन्य शर्मा ने बुधवार रात को एक वीडियो संदेश के माध्यम से बताया कि उन्होंने जैसे ही दो दिन पहले खारकीव रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया तो यूक्रेन निवासियों ने भारतीय दो हजार छात्र-छात्राओं को ट्रेन से नीचे उतार दिया। यही नहीं अब तो यूक्रेनियन विदेशी मूल की छात्राओं से अश्लील हरकतें करने लग पड़े हैं, जो अति चिंतनीय है।
ट्रेन से नीचे उतारने के कुछ ही समय बाद रूसी सैनिकों ने उनको वहां से तुरंत कहीं दूसरी जगह जाने के लिए कहा। ऐसी स्थिति में अनन्य शर्मा ने सभी छात्र-छात्राओं को 12 किलोमीटर तक पैदल ले जाकर ग्रामीण इलाके में शरण दिलवाई। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से सभी भारतीय मूल के बच्चों को अति शीघ्र सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए प्रयास और ज्यादा तेज करने की गुहार लगाई है। वर्तमान समय में जहां सभी छात्र-छात्राओं ने शरण ले रखी है, वहां से रोमानिया तथा पोलैंड बॉर्डर करीब 1300 किलोमीटर की दूरी पर हैं। इसलिए बमबारी और गोलियों के बीच से निकल कर स्वदेश पहुंचना संभव नहीं लग रहा है। ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार मास्को वाले रास्ते से छात्र-छात्राओं को स्वदेश लाने का यदि प्रयास करे तब वहां से मात्र ढाई तीन घंटे में भारत में पहुंचा जा सकता है। अनन्य ने बताया कि अब तो छात्र शारीरिक तौर पर इतने निर्बल हो चुके हैं कि पैदल चलने की हिम्मत भी नहीं रही है।