हमीरपुर। राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कामेश्वर शर्मा ने कहा कि बोर्ड में दिन-प्रतिदिन काम का बोझ बढ़ रहा है और कर्मचारियों की संख्या कम हो रही है। इस कारण एक-एक कर्मचारी को बिजली आपूर्ति को बहाल करने और बिजली उप-केंद्रों में 24 घंटे ड्यूटी करना गंभीर चुनौती बन गया है। भारी तनाव के कारण कर्मचारी विभिन्न दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
हमीरपुर में जारी प्रेस बयान में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिजली बोर्ड में सात हजार से ज्यादा पद खाली है। मगर सरकार नई भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकी है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि 33केवी विद्युत उप-केंद्र शाहपुर में एसएसए अमित कुमार काम करते समय करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार चल रहा है। अमित कुमार बिजली उपकेंद्र शाहपुर में अकेले ही ड्यूटी कर रहा था।
कामेश्वर शर्मा ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में स्टाफ की कमी के कारण अकेले-अकेले कर्मचारी को 16-16 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है। फील्ड में मात्र 2-3 कर्मचारियों के हवाले 35-35 ट्रांसफार्मर और कई-कई किलोमीटर लंबी एलटी और एचटी लाइनें हैं।