हमीरपुर। बरसात के मौसम के साथ जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गई हैं। इस वर्ष अब तक सर्पदंश के 32 मामले सामने आए हैं, जिनमें एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सर्पदंश के मामलों से निपटने के लिए पीएससी स्तर तक एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध कराया गया है। बरसात में सांपों के बिलों में पानी भरने के कारण वे सुरक्षित स्थानों की तलाश में बाहर निकलते हैं।
ऐसे में खेतों, घास-झाड़ियों, घरों के आसपास, लकड़ी या सामान के ढेर और अंधेरे स्थानों पर विशेष सावधानी जरूरी है। सर्पदंश की स्थिति में घरेलू उपचार, घाव पर चीरा लगाने, जहर चूसने या झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें।
पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की है।
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बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
-रात में घर से बाहर निकलते समय टॉर्च या पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल करें।
-खेत, झाड़ियों और घास वाले स्थानों पर जाते समय जूते पहनें।
-घर और आसपास के क्षेत्र में कूड़ा, लकड़ी और अनावश्यक सामान जमा न होने दें।
-जूते, कपड़े और बिस्तर इस्तेमाल करने से पहले जांच लें।
-सांप के काटने पर झाड़-फूंक और घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें।
-पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं।
कोट
बरसात में सावधानी बरतें। सर्पदंश की स्थिति में अंधविश्वास नहीं, तत्काल चिकित्सकीय उपचार को प्राथमिकता दें।
-सतीश कुमार फोटेदार, सीएमओ हमीरपुर