हमीरपुर । जिला स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की समीक्षा बैठक सोमवार को डीआरडीए हॉल में आयोजित की गई। जिला परिषद अध्यक्ष बबली देवी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिला के सभी विकास खंडों में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत किए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। एडीएम एवं डीआरडीए के परियोजना निदेशक राहुल चौहान ने बताया कि जिला हमीरपुर के सभी छह विकास खंडों में एक-एक प्लास्टिक कचरा संयंत्र स्थापित किया गया है। इनमें विभिन्न ग्राम पंचायतों के क्लस्टरों से प्लास्टिक का कचरा एकत्रित किया जा रहा है। इन संयंत्रों में आवश्यक प्रबंधों के लिए 96 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से अधिकांश धनराशि खर्च कर ली गई है। एडीएम ने सभी बीडीओ और स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पंचायत जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आम लोगों को प्लास्टिक के कचरे के सही निपटान एवं एकत्रीकरण के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि विकास खंड बिझड़ी से लगभग 662 किलोग्राम प्लास्टिक का कचरा एकत्रित करके विभिन्न उद्योगों को भेजा गया है। जिला के महत्वपूर्ण स्थानों पर 316 सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि मंजूर की गई थी। इनमें से 303 शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। अगर किसी शौचालय के निर्माण में कोई अड़चन आ रही है तो धनराशि तुरंत वापस कर दें, ताकि उस राशि का उपयोग अन्य स्थानों पर किया जा सके। बैठक में व्यक्तिगत शौचालयों और कंपोस्ट पिटों के निर्माण के संबंध में भी व्यापक चर्चा की गई तथा नए शेल्फ भी मंजूर किए गए। जिला परिषद अध्यक्ष बबली देवी ने कहा कि जिला में लगभग सभी घरों में शौचालयों का निर्माण हो चुका है। इसके बावजूद अगर किसी परिवार या प्रवासी श्रमिकों की बस्तियों में शौचालयों की आवश्यकता है तो इनका निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।