गांव बडैहर के पास जोल में लगाया गया अमरूद का बगीचा। स्रोत : बागवान
भरेड़ी/हमीरपुर। प्रदेश के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फलदार पौधों के बागीचे विकसित करके इन क्षेत्रों को भी बागवानी में अग्रणी बनाने के लिए एचपी शिवा परियोजना के शुरुआती चरण में ही काफी अच्छे परिणाम सामने आने लगे हैं।
उद्यान विभाग की ओर से इस परियोजना के माध्यम से विकसित किए गए कई क्लस्टरों के बागीचों में इस बार अमरूद की अच्छी पैदावार हुई है। भोरंज उपमंडल के गांव बडैहर के पास जोल में भी दस किसानों की लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर एचपी शिवा परियोजना के तहत लगाए गए अमरूद के बागीचे में इस बार लगभग 60 क्विंटल अमरूद की पैदावार हुई है।
जोल के बागवान कमलजीत सिंह और ध्यान सिंह ने बताया कि गांव में लगाए गए लगभग 1750 पौधों से शुरुआती दौर में ही अच्छी पैदावार मिलने लगी है। कमलजीत सिंह ने बताया कि क्लस्टर के अधीन उनकी अपनी लगभग छह कनाल जमीन पर अमरूद के 200 पौधे लगाए गए हैं। ध्यान सिंह की जमीन पर भी लगभग 500 पौधे लहलहा रहे हैं।
गांव के लगभग दस किसानों ने करीब एक हेक्टेयर पर बागीचा लगवाया है। बागीचे में अमरूद के पौधे लहलहाने लगे हैं और इस बार शुरुआती दौर में ही लगभग साठ क्विंटल की पैदावार हुई है। इन उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए अब गांव की लगभग चार हेक्टेयर और जमीन पर भी पौधारोपण करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
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गांव बड़ैहर के पास जोल में लगाया अमरूद का बगीचा। स्रोत : बागवान