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Hamirpur (Himachal) News: कैसे दूषित हुई जमली खड्ड, एक माह बाद भी विभाग बेखबर

Wed, 18 Mar 2026 12:52 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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हमीरपुर। जिला मुख्यालय से सटे 11 गांवों तक पीलिया का प्रकोप फैल चुका है, लेकिन पेयजल योजना के मुख्य स्रोत जमली खड्ड को दूषित करने वालों पर अब तक कार्रवाई तो दूर, पानी कैसे दूषित हुआ यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है।
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18 फरवरी को पीलिया का पहला मामला सामने आने के एक माह बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि पेयजल आखिर दूषित कैसे हुआ और बीमारी फैलने के सटीक कारण क्या हैं। आम तौर पर पीलिया का प्रमुख कारण दूषित जल माना जाता है, लेकिन संबंधित विभाग इस सवाल पर एकमत नहीं हैं। जल शक्ति विभाग अपनी योजना का पानी शुद्ध बता रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की जांच में बड़ू-मोहिं पेयजल योजना का पानी दूषित पाया गया है।
दोनों विभागों की अलग-अलग रिपोर्ट से लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जांच के दौरान एक नामी रेस्टोरेंट के इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) में लीकेज पाए जाने की बात सामने आई थी। खड्ड में जहां से गंदा पानी छोड़ा जा रहा है, वहां पानी काला दिखाई दे रहा है। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए ऊना भेजे हैं, लेकिन रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
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मौके के हालात देखने के बाद रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस जारी किया गया और सात दिन में जवाब मांगा गया, लेकिन कार्रवाई नोटिस तक ही सिमट कर रह गई है। जवाब के इंतजार में अभी तक कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो सकी है।
बोर्ड और विभाग फिलहाल सैंपल रिपोर्ट के इंतजार में हैं। स्वास्थ्य विभाग की चार रिपोर्ट अभी आना बाकी हैं, जबकि कई जांच में पानी पीने योग्य नहीं पाया गया है। इसके विपरीत जल शक्ति विभाग की रिपोर्ट पानी को सुरक्षित बता रही है। एक माह बीत जाने के बावजूद जमली खड्ड में प्रदूषण के स्रोस और जिम्मेदारों पर स्पष्टता न होना प्रशासनिक समन्वय पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोग भी ठोस कार्रवाई और पारदर्शी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।





डीसी ने पीलिया के मामले में की समीक्षा बैठक

इस बीच उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठक में पीलिया मामले की ताजा स्थिति और कारणों की समीक्षा की। उन्होंने जल शक्ति विभाग को पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, नियमित सैंपलिंग व टेस्टिंग करने और सभी जलस्रोतों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने प्राइवेट बोरवेल के पानी की भी जांच कराने और शिक्षा विभाग को स्कूलों की टंकियों की नियमित सफाई करने के साथ लॉगबुक अपडेट रखने के निर्देश दिए। बैठक में डीडब्ल्यूएसएम के सचिव एवं जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश गर्ग ने मिशन की गतिविधियों और पेयजल टेस्टिंग की रिपोर्ट प्रस्तुत की।



कोट्स

जल शक्ति विभाग की पेयजल योजना का पानी जांच में सही पाया गया है। खड्ड के पानी की संयुक्त जांच में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सैंपल लिए हैं। बोर्ड ही इसकी रिपोर्ट साझा करेगा।
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-राकेश, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग, हमीरपुर



मामले में सभी विभागों और बोर्ड से रिपोर्ट ली गई है। नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। -गंधर्वा राठौड़, उपायुक्त हमीरपुर
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