हमीरपुर। जिले में शहरी क्षेत्रों से सटे ग्रामीण क्षेत्रों जैसे झनियारी, झिरालड़ी और अन्य गांवों में सड़कों के किनारे कूड़े के हॉट स्पॉट बने हैं। पर्यावरण संरक्षण, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन और पर्यावरण से संबंधित अन्य मुद्दों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय और एनजीटी के आदेशों की अनुपालना तथा जिला पर्यावरण योजना के संबंध में गठित जिला स्तरीय स्पेशल टास्क फोर्स की बैठक में इन हॉट स्पॉट पर चिंता जाहिर की गई है। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अमरजीत सिंह ने की। उन्होंने कहा कि इन हॉट स्पॉट्स की सफाई के बाद इन क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण पर विचार किया जा सकता है। ब्यास और इसकी सहायक नदियों और खड्डों तथा नालों के आसपास भी गंदगी नहीं होनी चाहिए। इनके किनारे स्थित कचरा संयंत्रों और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों में सभी आवश्यक प्रबंध होने चाहिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग करने वालों का संबंधित विभागों के अधिकारी चालान करें।
शहरी निकायों और इनके साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा एकत्रीकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि अगर घरों से ही कचरे की छंटाई करके गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित किया जाए तो इसके सही निष्पादन में आसानी होगी। उन्होंने शहरी निकायों के अधिकारियों से कहा कि घरों से एकत्रित गीले कचरे से कंपोस्ट तैयार करने पर विशेष बल दें। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप मोदगिल ने जिला पर्यावरण योजना के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। एसपी भगत सिंह ठाकुर, एडीएम राहुल चौहान, एसडीएम संजीत सिंह, अन्य विभागों तथा शहरी निकायों के अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया।