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हाईकोर्ट ने पूर्व एसएचओ की जमानत अवधि अब 14 तक बढ़ाई

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हमीरपुर। रिश्वत लेने, विजिलेंस टीम पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या का प्रयास और चिट्टे के मामले में निलंबित चल रहे पूर्व एसएचओ नीरज राणा की जमानत अवधि वीरवार 3 मार्च को खत्म हो गई। इस मामले में वीरवार को विजिलेंस और बचाव पक्ष दोनों उच्च न्यायालय में पेश हुए। इसके बाद प्रदेश उच्च न्यायालय ने फिर से आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर को 14 मार्च तक अंतरिम जमानत प्रदान कर दी। इससे पूर्व भी न्यायालय ने करीब चार बार आरोपी को जमानत प्रदान की है। जबकि हर बार की तरह वीरवार को भी विजिलेंस और जिला पुलिस आरोपी को पुलिस रिमांड और न्यायिक रिमांड पर लेने में नाकाम रहीं।
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विजिलेंस मामला दर्ज होने के सवा दो महीने बाद भी केस प्रॉपर्टी और आरोपी का मोबाइल फोन बरामद नहीं कर पाई है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो और जिला पुलिस ने पहली बार 31 दिसंबर को प्रदेश उच्च न्यायालय में इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी। निलंबन के बाद से आरोपी पुलिस लाइन हमीरपुर में है। विभागीय जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर विजय सकलानी को जांच का जिम्मा दिया गया। उधर, डीएसपी विजिलेंस लालमन शर्मा ने कहा कि प्रदेश उच्च न्यायालय से 14 तक अग्रिम जमानत की अवधि बढ़ा दी गई है।
यह है सारा मामला
विजिलेंस ने नादौन थाना के पूर्व एसएचओ नीरज राणा को दुधारू पशुओं का कारोबार करने वाले व्यक्ति से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने का प्लान 21 दिसंबर को बनाया था। लेकिन ज्यूं ही नादौन शहर के लेबर चौक पर शिकायतकर्ता ने आरोपी के हाथों में रिश्वत के केमिकल लगे नोटों की गड्डी थमाई तो आरोपी को दबोचने के लिए विजिलेंस टीम आगे झपटी, लेकिन विजिलेंस टीम पर कार चढ़ाने का प्रयास करते हुए आरोपी मौके से फरार हो गया।
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