हमीरपुर। हिमाचल राजकीय अध्यापक संगठन (एचजीटीयू) ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि लंबे अरसे से स्कूलों में कार्य कर रहे कंप्यूटर शिक्षकों को कंपनी राज से मुक्ति दिलाकर उनका शोषण बंद किया जाए। एक तय नीति के तहत उन्हें स्कूलों में समायोजित किया जाए। संगठन ने सरकार से इन शिक्षकों के प्रति मानवीय संवेदना के आधार पर दृष्टिकोण की मांग उठाते हुए इन्हें तुरंत राहत दिए जाने की मांग की है।
अध्यापक संगठन के जिला अध्यक्ष संजीव ठाकुर, जिला महासचिव राज कुमार, नादौन के अध्यक्ष मनोज शर्मा, महासचिव नरेश पटियाल, वित्त सचिव शशि शर्मा, हमीरपुर उपमंडल के प्रधान देविंदर सिंह, महासचिव अश्वनी कुमार, अजयपाल सिंह, भोरंज के प्रधान अजय शर्मा, महासचिव कमलजीत, वित्त सचिव राकेश कुमार, सुजानपुर के अध्यक्ष अरुण शर्मा, महासचिव अविनाश ठाकुर, वित्त सचिव गगन कुमार, बड़सर से राजेंद्र प्रसाद, अजय शर्मा और सुनील कुमार ने कहा कि कंप्यूटर शिक्षक करीब डेढ़ दशक से भी ज्यादा समय से स्कूलों में अध्यापन कार्य में लगे हुए हैं। इन्हें तब से कंपनी के माध्यम से नियुक्ति दी जा रही है। जिससे इनका भारी आर्थिक और मानसिक शोषण हुआ है। इसके फलस्वरूप इनके कॅरियर और भविष्य पर ही सवालिया निशान लग गए हैं। कई कंप्यूटर शिक्षक तो रिटायरमेंट की दहलीज पर पहुंच चुके हैं, लेकिन उनका कंपनी की ओर से शोषण का क्रम लगातार चला हुआ है। अध्यापक संगठन का कहना है कि दो साल पहले सरकार ने इन शिक्षकों को विभाग में समायोजित करने की पॉलिसी बनाई है। उस पॉलिसी के अंतर्गत इन्हें स्कूलों में समायोजित किया जाना चाहिए। कहा कि इस संबंध में यदि कोई कोर्ट केस भी कहीं पेंडिंग हो तब भी इन्हें कंडिशनल नियुक्ति दी जा सकती है। शिक्षक संगठन ने आशा की है कि प्रदेश सरकार जल्द ही कंप्यूटर शिक्षकों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेकर उन्हें स्कूलों में समायोजित करेगी।