हमीरपुर। स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया से बचाव के लिए जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत आशा वर्कर घर-घर जा रही हैं। विभाग की ओर से 0-5 साल के बच्चों वाले घर में ओआरएस का पैकेट निशुल्क दिया जा रहा है। इसके अलावा जिंक की गोलियां भी दी जा रही हैं। वहीं अभिभावकों को ओआरएस का पैकेट किस तरह से पानी में मिलाकर तैयार करना है, इसकी जानकारी दी जा रही है। यह कार्यक्रम दो माह तक चलेगा।
हर बच्चे के लिए दो ओआरएस के पैकेट दिए जाएंगे। ओआरएस को कितने समय तक और कितनी-कितनी देर बाद बच्चों को पिलाना है, सहित तमाम जानकारियां अभिभावकों को दी जाएंगी। जिला में करीब 591 आशा वर्करों ने कार्य शुरू कर दिया है। डायरिया होने का सबसे प्रमुख कारण सफाई का अभाव होता है। यह एक संक्रामक बीमारी है। संक्रमण से पाचन क्रिया खराब हो जाती है। शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसलिए डायरिया से लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
-गर्मी के मौसम में डायरिया ज्यादा खतरनाक रूप धारण कर लेता है। शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसलिए बच्चे को डायरिया होने की शिकायत पर तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए। अभिभावकों को डायरिया से बचाव के लिए आशा वर्कर जागरूक कर रही हैं। मई माह से अभियान शुरू कर दिया गया है।
-प्रवीण चौधरी, सीएमओ