मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने तीन दिवसीय हमीरपुर प्रवास के पहले दिन बुधवार को जिला हमीरपुर में साढ़े चार करोड़ रुपये के विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास किए। सबसे पहले सुबह के सत्र में उपमंडल सुजानपुर में 50 बिस्तरों के नागरिक अस्पताल का लोकार्पण किया। उन्होंने जोल गांव के सांध नाला में 90 लाख रुपये की लागत की तटीकरण योजना की आधारशिला रखी। इससे जोल, पलाही और समोना गांव के लोग लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने सुजानपुर में 20 लाख लागत से निर्मित होने वाले लोनिवि के विश्राम गृह के अतिरिक्त भवन का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री ने सुजानपुर में आयोजित जनसभा में कहा कि पिछले तीन सालों में सरकारी क्षेत्र में 28,000 युवाओं को रोजगार दिए गए हैं। प्रदेश सरकार ने 2016-17 के दौरान 25,000 युवाओं के रोजगार का प्रावधान किया है। सुजानपुर के बाद मुख्यमंत्री ने झनियारा में 81.87 लाख लागत की पेयजल स्कीम का शिलान्यास किया।
इसके बाद हमीरपुर में 82 लाख की आवासहीनों के लिए निर्मित होने वाले आश्रय भवन और लंबलू में 1.53 करोड़ की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शिलान्यास किया। इसके बाद लंबलू में जनसभा के दौरान मिडल स्कूल नाहलवी और स्वाहल को स्तरोन्न्त कर हाई स्कूल करने और लंबलू में पीएचसी खोलने की घोषणा भी की।
राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री से उठाई ये मांगे
राजेंद्र राणा की तरफ से उठाई गई मांगों पर विचार करने के बाद मुख्यमंत्री ने इन्हें सैद्धांतिक रूप से पूरा करने का आश्वासन दिया। चमियानियन दी खनौली संपर्क सड़क के निर्माण के लिए बजट प्रावधान, खया-भेटरा मार्ग पर पुंग खड्ड पर पुल निर्माण, बनाल-चमियाणा संपर्क सड़क में पुल निर्माण, अंसला से खनेऊ-कंगरी संपर्क सड़क को चौड़ा करना, सुजानपुर के एसडीएम को आवासीय भवन का निर्माण आदि मांगे शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने दाड़ला-टिहरा और डेरा को नगर नियोजन अधिनियम से बाहर करने के मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया। इससे पहले राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सुजानपुर में शीघ्र ही संयुक्त कार्यालय परिसर का निर्माण होगा।
उन्होंने कहा कि नागलांबर गांव को सड़क के लिए 2.47 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस मौके पर सुजानपुर में मुख्यमंत्री के सामने एक दर्जन से अधिक लोगों ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की।