हमीरपुर। त्योहार की खरीद से ठीक पहले जिला मुख्यालय में बुधवार को बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सुबह 10 से शाम 6:45 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहने से कारोबारियों को नुकसान झेलना पड़ा है। शाम साढ़े पांच बजे के बाद अंधेरा हो जाता है।
इसके चलते शहर के 70 फीसदी कारोबारी शाम छह बजे से पहले ही अपनी दुकानें बंद करके घर चले गए। शहर की सड़कों पर घुप अंधेरा छाया रहा। कारोबारियों के अलावा स्थानीय लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय में कई जगह भवनों के मार्बल, टाइलों और छत डालने का काम चल रहा है।
बुधवार को यह सारे कार्य पूरी तरह बंद रहे। साइबर कैफे से निजी कार्यालयों तक कामकाज प्रभावित रहा। शहरवासियों ने बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। व्यापार मंडल हमीरपुर के प्रधान अनिल सोनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्वनी जगोता, कवि राज, सुरेंद्र शर्मा, सतपाल शर्मा, जोगिंद्र भल्ला, विनोद पुरी, मनीष पुरी और मनीष डोगरा ने कहा कि त्योहारी सीजन में बिजली कट लगाने का निर्णय गलत है।
कारोबारी कोरोना के कारण पहले ही मंदी की मार झेल रहे हैं। अगर बिजली लाइनों की मरम्मत करनी थी तो श्राद्ध के समय करते। बिजली कट के कारण कारोबारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। अगर बिजली बोर्ड ने इस तरह के गलत निर्णय लेना बंद नहीं किया तो आने वाले दिनों में उपायुक्त और बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन होगा।
वहीं, दि उपभोक्त संरक्षण संगठन के जिला अध्यक्ष एडवोकेट सुशील शर्मा ने कहा कि अगर बिजली बोर्ड को कट लगाना भी था तो दिवाली के बाद लगाते। ताकि कारोबारियों और स्थानीय जनता को दिक्कतें न झेलनी पड़तीं।
उधर, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता राजन गुप्ता ने कहा कि बिजली बोर्ड ने कुछ कंडक्टर बदलने थे।
इसके चलते सुबह 10 बजे से 5 बजे बिजली कट की समाचार पत्रों के माध्यम से सूचना दी थी। यह कार्य तय समय से पूर्व हो गया था, लेकिन 132 केवी लाईन के बंद रहने से बिजली आपूर्ति बंद है। 132 केवी की देखरेख का कार्य एचपी पावर ट्रांसमिशन का है। वहीं, पावर ट्रांसमिशन के अधीक्षण अभियंता आशीष कपूर ने बार-बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया।