सुजानपुर (हमीरपुर)। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने नादौन में भरमौर के विधायक डाॅ. जनक राज के खिलाफ दर्ज मामले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार बदले की राजनीति में अब इस हद तक पहुंच गई है कि मरीजों को चिकित्सकीय सलाह देना भी अपराध बना दिया गया है।
राणा ने जारी बयान में कहा कि भाजपा कार्यकर्ता और आम लोग शिष्टाचारवश डाॅ. जनक राज से मिलने पहुंचे थे। कुछ लोग अपने मरीजों की रिपोर्ट भी साथ लाए थे। विधायक बनने से पहले शिमला आईजीएमसी में प्रभारी और प्रतिष्ठित न्यूरो सर्जन रहे डाॅ. जनक राज ने मानवता के नाते उन्हें चिकित्सकीय सलाह दी।
राणा ने दावा किया कि पुलिस ने बीएनएस की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि डा. जनक राज कोई झोलाछाप चिकित्सक नहीं, बल्कि हिमाचल के जाने-माने न्यूरोसर्जन हैं। लोग उन पर भरोसा करते हैं।
सरकार को उनकी चिकित्सकीय योग्यता से दिक्कत है या गरीबों की मदद से, यह स्पष्ट करना चाहिए। राणा ने आरोप लगाया कि सर्व कल्याणकारी संस्था की ओर से सितंबर में सुजानपुर अस्पताल में प्रस्तावित निशुल्क चिकित्सा शिविर को भी सरकार ने अनुमति नहीं दी।
शिविर में पीजीआई समेत बड़े अस्पतालों के विशेषज्ञ गरीब और जरूरतमंद मरीजों का मुफ्त उपचार करने वाले थे। उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक रंजिश के चलते जनता को परेशान कर रही है।
भाजपा इस अन्याय के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। डाॅ. जनक राज के खिलाफ दर्ज मामला तुरंत वापस लिया जाए अन्यथा जनता इसका जवाब चुनाव में देगी। संवाद