एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महज 20 प्रतिशत गेच्युटी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
ताल (हमीरपुर)। प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ ने मांग की है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एक मुश्त शेष ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, एरियर की अधिसूचना सरकार जल्द जारी करे। संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त उपनिदेशक जीवन शर्मा, सुरेंद्र शर्मा और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉक्टर हेतराम वर्मा, नरेश सोहड़, राकेश शर्मा, सुरेंद्र वजीर, जोगिंदर चौधरी, मोहन कंवर और स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी सुरेश कुमार ने हाईकोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय का जोरदार स्वागत किया है। हाईकोर्ट ने अदालती आदेशों के बावजूद छठे वेतन आयोग के वित्तीय लाभ न देने से जुड़े मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर अवमानना याचिका का जवाब देने या अनुपालना शपथ पत्र दाखिल करने के आदेश जारी किए हैं। पेंशनरों ने हिमाचल सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महज 20 प्रतिशत ग्रेच्युटी दी गई है।
जबकि, बढ़ी हुई कम्युटेड पेंशन और लीव इनकैशमेंट प्रदान करने का वर्तमान सरकार ने नाम तक नहीं लिया। जबकि फरवरी 2022 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 100 प्रतिशत गेच्युटी, कम्युटेड पेंशन व लीव एनकैशमेंट का पूर्ण लाभ दिया जा रहा है। इसी भेदभाव को लेकर आज हजारों पेंशनर्स ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है तथा शेष पेंशनर्स भी हाईकोर्ट का रुख करने को मजबूर हैं। जीवन शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि वह पेंशनर्स के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त करते हुए तुरंत बजट में की गई घोषणा को अमलीजामा पहनाएं।