हमीरपुर। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कांग्रेस सरकार द्वारा राज्य में लॉटरी प्रणाली को दोबारा शुरू करने के निर्णय की कड़ी निंदा की है। मीडिया को जारी बयान में उन्होंने कहा कि यह फैसला समाज के लिए घातक है और यह उस सामाजिक बुराई की पुनः वापसी है, जिससे हिमाचल के लोगों ने वर्षों की लड़ाई के बाद मुक्ति पाई थी।
ठाकुर ने बताया कि विशेष रूप से एकल अंक लॉटरी के कारण कई परिवार बर्बाद हुए थे। इसके दुष्परिणामों को देखते हुए 17 अप्रैल 1996 को माननीय उच्च न्यायालय ने इस पर प्रतिबंध लगाया था। जनभावना का सम्मान करते हुए भाजपा सरकार ने 1999 में राज्य में लॉटरी गतिविधियों को पूरी तरह बंद कर दिया था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 2004 में इसे फिर से लागू करने की कोशिश की थी, लेकिन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसके नकारात्मक असर को देखकर दोबारा प्रतिबंध लगाया। अब एक बार फिर कांग्रेस सरकार उसी दिशा में कदम बढ़ा रही है, जो समाज को आर्थिक और नैतिक रूप से नुकसान पहुंचाएगा। भाजपा ने यह स्पष्ट किया है कि वह लोगों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।