चिड़ियाघर में स्थापित होंगे विभिन्न रेस्क्यू सेंटर
ऑपरेशन थियेटर और लेबोरेटरी स्थापित करने का कार्य होगा शुरू
घायल जंगली जानवरों का होगा उपचार, मिलेगी सुविधा
चिड़ियाघर को अपग्रेड करने के लिए वन्य प्राणी विभाग ने तैयार की योजना
बवीता चंदेल
हमीरपुर। वन्यजीव क्षेत्र हमीरपुर के तहत गोपालपुर चिड़ियाघर अब नई रंग-रूप में नजर आएगा। वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर ने चिड़ियाघर को अपग्रेड करने के लिए योजना तैयार कर ली है। चरणबद्ध तरीके से इसे अपग्रेड करने का कार्य किया जाएगा। प्रथम चरण में रेस्क्यू सेंटर में ऑपरेशन थियेटर, लेबोरेटरी और पोस्टमार्टम कक्ष स्थापित किया जाएगा। यहां घायल जंगली जानवरों का उपचार किया जाएगा। विभिन्न जिलों से घायल वन्यजीवों को इलाज के लिए यहां लाया जाएगा। इसके बाद उन्हें उपचार देकर स्वस्थ होने पर जंगलों में छोड़ा जाएगा जबकि चलने फिरने में अक्षम जानवरों को रेस्क्यू सेंटर में ही उपचार देने के लिए रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त चिड़ियाघर में पहले से रखे गए जानवरों को बनखंडी में निर्माणाधीन चिड़ियाघर में शिफ्ट किया जाएगा।
दूसरे चरण में यहां पशु औषधालय स्थापित होगा। बनखंडी चिड़ियाघर में रखने के लिए बाहरी राज्यों से लाए जाने वाले वन्यजीवों को भी पहले देखभाल के लिए यहां रखा जाएगा। गोपालपुर को बनखंडी के चिड़ियाघर के सेटेलाइट सेंटर (उपकेंद्र) के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। यहां लोगों को वन्यजीवों के सरंक्षण की भी जानकारी मिलेगी। वर्तमान में 12 हेक्टेयर एरिया में फैले चिड़ियाघर में वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर की ओर से 211 विभिन्न प्रजातियों के जानवरों को रखा गया है। इनमें मुख्य रूप से शेर, भालू, बाघ, बाज, तेंदुआ, सूअर, सांभर, हिरण आदि को रखा गया है। इनमें से कुछेक जानवरों को जंगलों से घायल अवस्था में रेस्क्यू कर यहां पर लाया गया है। उपचार के बाद जानवरों को चिड़ियाघर में ही रखा गया है ताकि कर्मचारी जानवरों का उपचार कर सकें। चिड़ियाघर को पर्यटकों के लिए प्रतिदिन सुबह 10 से शाम पांच बजे तक खुला रखा जाता है ताकि पर्यटकों को जानवरों को देखने में कोई भी परेशानी न हो।
ब्यान:
गोपालपुर चिड़ियाघर को बंद करने के लिए कोई चर्चा नहीं हुई है। इसे और बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में एक और नया चिड़ियाघर बनाने की योजना बनाई जा रही है। गोपालपुर चिड़ियाघर में घायल जानवरों के उपचार के लिए रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया जा रहा है।-रेजिनोल्ड रॉयस्टन ए, डीएफओ, वन्यजीव क्षेत्र हमीरपुर।