हमीरपुर। होटल के कमरे बने नहीं, आईपीएच के भवन पर किसी दूसरे विभाग ने कब्जा जमा लिया। यह चौंकाने वाला मामला पूर्व मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर में सामने आया है। शिमला-मटौर एनएच पर हमीरपुर में पर्यटन निगम का होटल हमीर स्थित है। वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने पर्यटन विकास निगम की सिफारिश पर इस होटल के विस्तार के लिए एक प्रोजेक्ट स्वीकृत करवाया। प्रोजेक्ट के अनुसार होटल के साथ आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता का आवासीय भवन यहां से हटाकर इस जमीन पर पर्यटन निगम के होटल के लिए अतिरिक्त 15 कमरे, एक बड़ा हाल और धरातल पर पार्किंग का निर्माण होना था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। शिलान्यास के बाद प्रदेश सरकार के इशारे पर आईपीएच विभाग को इस भवन को खाली करने के आदेश हुए ताकि इस भवन को गिराकर यहां पर होटल के कमरों का निर्माण हो सके। पर्यटन निगम प्रबंधन ने पूर्व में होटल हमीर में कमरों की कमी और पार्किंग समेत अन्य कमियों को सरकार के समक्ष रखा था। प्रबंधन का कहना था कि बड़े आयोजनों के चलते कई बार दिक्कतें पेश आती हैं। जिसके चलते अतिरिक्त कमरों का प्रस्ताव रखा था। लेकिन शिलान्यास के आठ वर्ष के बाद भी यह प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है। वहीं होटल के लिए खाली करवाए आईपीएच विभाग के भवन में वर्तमान में एशियन डेवलपमेंट बैंक के एसडीओ और जेई ने कब्जा जमा लिया है। आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता के लिए हीरानगर में उपायुक्त आवास के सामने नया आवासीय भवन बन गया है। लेकिन चिह्नित भूमि पर हिमाचल पर्यटन विकास निगम के अतिरिक्त कमरों, एक बड़ा हाल और करीब 200 वाहनों की धरातल में पार्किंग का प्रोजेक्ट अभी तक शुरू नहीं हो पाया।
हमीरपुर में होटल हमीर के अतिरिक्त कमरों, मीटिंग हाल और पार्किंग का प्रोजेक्ट ध्यान में है। इस बारे में प्रदेश सरकार से बात की जाएगी।
-पूनम भारद्वाज, महाप्रबंधक, हिप्र पर्यटन विकास निगम शिमला।