तीन माह से नहीं मिला कर्मचारियों को वेतन
रोगी कल्याण समिति के तहत रखे गए हैं यह कर्मचारी
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में कर्मचारी परेशान
वेतन के लिए कई बार किया प्राचार्य से अनुरोध, नहीं हुआ हल
परिवार का पालन पोषण करना भी हुआ मुश्किल, सेवाएं दे रहे 26 से अधिक कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोगी कल्याण समिति के माध्यम से रखे गए 26 से अधिक कर्मचारियों को तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। अब कर्मचारियों को परिवार का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। इससे कर्मचारी खासे परेशान हैं। इन कर्मचारियों को अब अपने परिवार की चिंता सताने लगी है। बिना आमदनी न ही घर का खर्च चल रहा है और न ही बच्चों को अच्छा जीवन प्रदान कर पा रहे हैं। प्रदेश भर में रोगी कल्याण समिति के माध्यम से विभिन्न मेडिकल कॉलेजों, सिविल अस्पतालों में नियुक्त किया गया है। लेकिन, यहां पर इन कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। वहीं, अधिकारी भी अब अपना पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहे हैं। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोगी कल्याण समिति के माध्यम से 26 कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन्हें भी वेतन का भुुगतान नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने नाम न लिखने की शर्त पर कहा कि जब प्राचार्य के पास जाते हैं तो कहा जाता है कि ठेकेदार के पास जाइए और जब ठेकेदार के पास जाते हैं तो कहा जाता है कि रोगी कल्याण समिति के कर्मचारी अस्पताल में कंपनी के माध्यम से नहीं रखे गए हैं।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी भी इन कर्मचारियों की समस्या से अपना पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहे हैं तथा कभी प्राचार्य तो कभी एमएस ऑफिस की ओर भेजा जा रहा है। वहीं कर्मचारियों ने कहा कि सोमवार से वह भी डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में सेवाएं नहीं देंगे और प्राचार्य के गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इससे पूर्व सरकार कोरोना काल में नियुक्त किए कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी हैं। उस समय लोगों को बाहर निकलने से भी डर लगता था। इन कर्मचारियों ने उस समय पर अपनी सेवाएं दीं लेकिन बाद में सरकार ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब रोगी कल्याण समिति के माध्यम से रखे कर्मचारियों के भविष्य पर भी तलवार अटकी हुई है। सरकार इनके वेतन का बजट ही नहीं दे रही। ऐसे में यह कर्मचारी भी खासे परेशान हैं। इस बारे में कॉलेज के प्राचार्य डॉॅ. रमेश भारती ने कहा कि इस बारे में उच्च अधिकारियों को बताया गया है और वहीं से बजट आता है। कर्मचारियों की समस्या के बारे में पत्राचार किया है।