रंगस (हमीरपुर)। राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों का समाधान न होने पर दो सितंबर को विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा के बाहर धरना-प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।
यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज की अध्यक्षता में शनिवार को नादौन यूनिट की आपातकालीन बैठक में यह निर्णय लिया गया। नितिश भारद्वाज ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं को लेकर बोर्ड प्रबंधन को बार-बार अवगत करवाया गया, लेकिन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
यूनियन ने प्रबंधन को मांगों के समाधान के लिए नोटिस दिया था, जिसकी अवधि 26 अगस्त को समाप्त हो रही है। इसके बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
यूनियन ने 10 प्रमुख मांगों को लेकर प्रबंधन को नोटिस दिया है। इनमें 15 मई 2003 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, 15 अक्तूबर 2025 को शिमला के होटल पीटरहॉफ में आयोजित राज्य सम्मेलन में मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं को लागू करना और पदोन्नति शक्तियों का पुन: प्रत्यायोजन शामिल है।
इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए व्यापक नीति बनाकर नौकरी की सुरक्षा, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार अनुबंध सेवा को अर्हक सेवा में शामिल कर वित्तीय, पदोन्नति, वरिष्ठता और पेंशन लाभ देने तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित लाभों के भुगतान के लिए समयबद्ध व्यवस्था करने की मांग की गई है।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यूनियन को उम्मीद है कि प्रबंधन 26 अगस्त तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करेगा। ऐसा नहीं होने पर दो सितंबर को विधानसभा के बाहर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने बिजली बोर्ड की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सह संयोजक हीरा लाल वर्मा से प्रस्तावित आंदोलन के लिए समर्थन मांगा। बैठक में यूनियन के कार्यालय सचिव पंकज परमार, कांगड़ा संगठन सचिव राकेश चौधरी, नादौन यूनिट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष शर्मा, सचिव रजत कौंडल, मुख्य सलाहकार विपन शर्मा और ज्योति राम मौजूद रहे।