डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में हो रही परेशानी
ईसीजी और पीएफटी एक साथ होने से महिला मरीजों को हो रही दिक्कत
अस्पताल में एक दिन में की जाती है औसतन 20 के करीब मरीजों की ईसीजी और पीएफटी
साथ में हड्डी रोग वार्ड होने से कमरे के बाहर भी लगा रहता है जमावड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में ईसीजी और पीएफटी टेस्ट एक ही कमरे में हो रहे हैं। दोनों टेस्ट एक ही कमरे में होने से मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जब कभी महिला और पुरुष मरीज एक साथ आ जातेे हैं तो महिलाओं को पीएफटी करवाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ईसीजी टेस्ट आमतौर पर दिल तक रक्त पहुंचाने वाली रक्त वाहिकाओं में परेशानी, ऑक्सीजन की कमी, नसों की ब्लॉकेज, टिशूज की असामान्य स्थिति, सीने में तेज दर्द या सूजन, सांस लेने में तकलीफ, हार्ट अटैक के लक्षणों और दिल से जुड़ी अन्य समस्याओं का पता लगाने के लिए किया जाता है। वहीं, पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (पीएफटी) एक गैर-आक्रामक फेफड़े का परीक्षण है, जो फेफड़ों के कामकाज की जांच करने के लिए किया जाता है। पीएफटी परीक्षण फेफड़ों के विकारों और श्वसन रोगों का निदान करने में मदद करता है। अस्पताल में औसतन 20 के करीब मरीजों को ईसीजी व पीएफटी की जाती है। ऐसे में एक कमरे में महिलाएं और पुरुष दोनों मरीज आते हैं। एक ही कमरे में दोनों का इलाज करने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या का कारण यह है कि अस्पताल में कोई कमरा खाली नहीं बचा है। गायनी वार्ड के बाहर भी मरीज फर्श पर बिस्तर लगाकर सोने को मजबूर हैं।
इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि जगह कम होने के कारण ऐसा किया गया है। भविष्य में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, इसके लिए काम किया जा रहा है।