इस साल अब तक 3575 मेें से 2525 सामान्य और 1050 सिजेरियन डिलीवरी
कुछ महिलाएं दर्द से बचने के लिए ऑपरेशन करवाने को देती हैं वरीयता
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जागरूकता और बेहतर दिनचर्या अपनाने के कारण डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में सिजेरियन के मुकाबले सामान्य प्रसव की संख्या काफी बढ़ी है। इस साल अब तक मेडिकल कॉलेज में 3575 महिलाओं प्रसव हुए हैं। इनमें 2525 सामान्य और 1050 सिजेरियन डिलीवरी है।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना 10 से 15 प्रसव होते हैं। दो से तीन जिलों की महिलाएं यहां लाभ प्राप्त करती हैं। कुछ महिलाएं दर्द से बचने के लिए सामान्य प्रसव के बजाय ऑपरेशन करवाने को वरीयता देती हैं, लेकिन अब महिलाएं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रही हैं। दिनचर्या बेहतर कर रही हैं। इसी का परिणाम है कि मेडिकल कॉलेज में सामान्य प्रसव अधिक हुए हैं। सामान्य प्रसव के कुछ समय बाद ही महिलाएं चल सकती हैं।
प्रसव के दौरान शरीर में एंडोर्फिन नामक हार्मोन रिलीज होता है। ये हार्मोन दर्द को दूर करने में मदद करता है, जिससे सामान्य डिलीवरी के बाद रिकवरी जल्द हो जाती है। सामान्य प्रसव मां और शिशु के लिए बेहतर है। रक्तचाप, डायबिटीज भी सर्जरी की बड़ी वजह है। हालांकि सिजेरियन प्रसव होने का एक बड़ा कारण लाइफ स्टाइल में बदलाव भी है। दिनचर्या गड़बड़ाने से सिजेरियन की जरूरत पड़ती है। हर गर्भवती महिला को उस पल का इंतजार होता है जब नन्ही सी जान उसके हाथों में खेले। इसके लिए घर के सभी सदस्य गर्भवती महिला का पूरा ध्यान रखते हैं ताकि सामान्य प्रसव हो। चिकित्सक से समय-समय पर जांच भी कराते हैं, लेकिन कुछ मामलों में अंतिम समय में ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो जाती हैं। इस कारण डॉक्टर सिजेरियन प्रसव का विकल्प चुन रहे हैं।
कोट
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती हैं। यहां पर सामान्य प्रसव को अधिक अहमियत दी जाती है। इस वर्ष अब तक 3575 महिलाओं प्रसव हुए हैं। इनमें 2525 सामान्य और 1050 सिजेरियन डिलीवरी है।-डॉ. देसराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर