जिला मुख्यालय के साथ लगती ग्राम पंचायत सराहकड़ में पेयजल संकट गहरा गया है। बीते तीन दिन से पंचायत के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति नहीं हुई है। इससे लोगों में पेयजल के लिए हाहाकार मचा है।
हालांकि, विभागीय नुमाइंदों को समस्या के बारे में अवगत करवाया गया है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है।
स्थानीय निवासी सुरेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, अनीता कुमारी, रोहित कुमार, दीपक, सुमित कुमार आदि का कहना है कि पंचायत के भरनांग, सलोट और खरोह आदि गांवों में बीते तीन दिन से पेयजल संकट है।
हालांकि, विभाग को समस्या के बारे में अवगत भी करवाया है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। बारिश से प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी भी दूषित हो गया है। लोगों की मानें तो पशुओं के लिए तो दूर पीने तक घरों में पानी नहीं बचा है। पेयजल योजना से क्षेत्र के करीब 60 गांवों में पेयजल आपूर्ति होती है।
गर्मियों का मौसम शुरू होने से पहले ही पेयजल योजना हांफना शुरू हो गई है। लोगों ने विभाग से पेयजल सप्लाई नियमित करने की मांग उठाई है।
एनएच विभाग के एक्सईएन नीरज भागल का कहना है कि अगर क्षेत्र में पेयजल संकट है तो संबंधित अधिकारियों को सप्लाई नियमित करने के आदेश दिए जाएंगे।