ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसायटी ने किया विशेषज्ञ चिकित्सक को सम्मानित
भोरंज उपमंडल के 101 प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की आंखों को जांचने के लिए प्रोजेक्ट के तहत की है रिसर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल वर्मा को ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसायटी ने बच्चों की आंखों पर किए शोधकार्य के लिए सम्मानित किया है। सोसायटी के माध्यम से उनके इस शोध को सबसे बेहतर आंका गया। राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से चिकित्सक अपने शोध कार्य को लेकर पहुंचे थे। इन सभी में डॉ. अनिल वर्मा का शोध बेहतर पाया गया है। उन्होंने हमीरपुर जिला के भोरंज उपमंडल के 101 प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की आंखों को जांचने के लिए एक प्रोजेक्ट के तहत रिसर्च की है। वर्ष 2023 में शुरू हुई रिसर्च मार्च 2024 में पूरी हुई। उन्होंने शोध कार्य पूरा होने के उपरांत पेपर वर्क ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसायटी को सौंपा था। सोसायटी के माध्यम से दिल्ली में आयोजित किए गए राष्ट्रीय सम्मेलन में इस शोध को सबसे बेहतर आंका गया है। इस सेमिनार में विभिन्न प्रदेशों के चिकित्सकों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए थे।
इन सभी के रिसर्च में डॉ. अनिल वर्मा के शोध को अव्वल आंका गया है। सोसायटी को सौंपे गए रिसर्च वर्क के परिणाम के साथ ही सुझाव दिया गया है कि प्रथम कक्षा में प्रवेश करते ही बच्चे की आंखों का पूरा चेकअप होना जरूरी है। चेकअप के आधार पर बच्चा अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए उचित फील्ड का चयन कर सकता है। 101 प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की आंखों पर हुए शोध में पता चला कि 13 फीसदी बच्चे किसी ने किसी आंख की बीमारी से पीड़ित हैं। इनमें सात फीसदी बच्चों को चश्मे की जरूरत थी। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. अनिल वर्मा की ओर से आंखों पर किए गए शोध कार्य की रिपोर्ट डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन को भी सबमिट की जाएगी। यदि हिमाचल प्रदेश में प्रथम कक्षा में प्रवेश से ही बच्चों की आंखों का टेस्ट अनिवार्य किया जाता है तो इससे हजारों बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।