हमीरपुर। जिले में महिलाओं के ऊपर हिंसा के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिले में पिछले तीन महीनों में महिलाओं के ऊपर घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
पिछले तीन महीनों में घरेलू हिंसा के सबसे अधिक मामले अप्रैल में दर्ज किए गए हैं। हमीरपुर जिले में पिछले तीन महीनों में घरेलू हिंसा के 62 मामले सामने आए हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट हो रहा है कि महिलाएं भले ही अपनी अलग पहचान बना रही हों, लेकिन चहारदीवारी के भीतर अभी अत्याचार का सिलसिला जारी है।
जिले में जनवरी माह में 18, फरवरी माह में 19 जबकि मार्च में सबसे अधिक 25 मामले घरेलू हिंसा के सामने आए हैं। महिला एवं बाल विकास कार्यालय की ओर से अधिकांश मामलों को चहारदीवारी के अंदर ही सुलझा लिया जाता है, लेकिन इनमें से औसतन एक या दो मामले ऐसे होते हैं, जो कि सुलझ नहीं पाते हैं।
ऐसे मामलों में गाली-गलौच, अभद्र व्यवहार और मारपीट मुख्य वजह पाई जा रही है। हालांकि मारपीट के मामले कम हैं। अधिकारियों के अनुसार यह मामले पुलिस विभाग से महिला एवं बाल विकास अधिकारी के पास भेजे जा रहे हैं। महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार वन स्टाप सेंटर में ठहराया जा रहा है।
कोट :
हमीरपुर जिले में पिछले तीन महीनों में घरेलू हिंसा के 62 मामले सामने आए हैं। इनमें से अधिकतर मामलों को सुलझा लिया गया है। इसमें मारपीट के बहुत कम मामले सामने आते हैं, जबकि गाली-गलौज के अधिक मामले सामने आए हैं।
-अनिल कुमार, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास कार्यालय, हमीरपुर