नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर दो समेत हर क्षेत्र में कुत्तों का आतंक
रात्रि समय में लोगों को घरों से बाहर निकलना हुआ मुश्किल
पूर्व में वार्ड आठ में कुत्तों के काटने से बच्ची की हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर की ओर से लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए चलाया गया अभियान दस्तावेजों तक ही सीमित रह गया है। एक वर्ष बाद भी नगर परिषद के वार्ड नंबर दो निवासी लावारिस कुत्तों के आतंक से परेशान हैं। वार्डों में कुत्ते कब किस पर हमला बोल दें, कोई नहीं जानता। शहरवासी भी इनके आतंक से खासे परेशान हैं। हालात यह हैं कि बच्चों और बुजुर्गों का अकेले बाजार जाना भी मुश्किल हो गया है। समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। एक वर्ष पूर्व नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर आठ में लावारिस कुत्तों ने दो वर्ष की छोटी बच्ची का मार दिया था। ऐसे में आनन-फानन में नगर परिषद हमीरपुर की ओर से कुत्तों की नसंबदी को लेकर अभियान शुरू किया गया था लेकिन वर्तमान में दिन के समय में ही कुत्ते झुंड में बाजार में घूम रहे हैं। इससे लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों संजीव राणा, राकेश, सर्वजीत परमार, बिंदु, आरव, अर्चना, जिया, पूनम आदि ने कहा कि वार्ड में लावारिस कुत्तों की फौज दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वार्डों की गलियों में लोगों को हाथों में डंडे लेकर आना-जाना पड़ रहा है। दिन के समय दो से तीन बार कुत्ते स्कूली बच्चों पर हमला कर चुके हैं। ऐसे में उन्हें भी अकेले बाहर भेजना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि शहरवासी लगातार नगर परिषद हमीरपुर को लावारिस कुत्तों से निजात दिलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक नगर परिषद हमीरपुर कोई भी ठोस कदम नहीं उठा पाई है। ऐसे में शहरवासी कुत्तों के आतंक से खौफ में हैं।
हमीरपुर शहर में लावारिस कुत्तों के आतंक से शहर के लोग खासे परेशान हैं। इसकी शिकायतें उनके पास भी पिछले समय से आ रही हैं, लेकिन इन कुत्तों को पकड़कर नसंबदी करवाई जा रही है। इस बारे में जल्द ही आगामी नगर परिषद की बैठक में निर्णय लिया जाएगा, ताकि शहर के लोगों को लावारिस कुत्तों से निजात मिल सके।
मनोज कुमार मिन्हास, अध्यक्ष, नगर परिषद हमीरपुर।