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Hamirpur (Himachal) News: प्रमाण पत्र दिखाने के बावजूद दिव्यांग को बस से उतारा

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दिव्यांग प्रमाणपत्र सरकारी बसों में निशुल्क बस सफर की सुविधा देता है
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संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। दिव्यांगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने तमाम योजनाएं चला रखी हैं ताकि वह खुद को असमर्थ न समझें और उनके जीवन यापन में परेशानी न हो। दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें एचआरटीसी की बसों में निशुल्क यात्रा का प्रावधान होता है। लेकिन कुछ परिचालकों के कारण उन्हें इस सुविधा से वंचित किया जा रहा है। मामला जिला चंबा से सामने आया है। यहां पर एक दिव्यांग व्यक्ति को दिव्यांग प्रमाण पत्र दिखाने के बावजूद बस से दुर्व्यवहार कर उतारा गया है। पीड़ित अजय निवासी हमीरपुर के अनुसार वह अपने बेटे के साथ दो दिन पहले जिला चंबा गए थे। यहां पर उनके बेटे का एयरफोर्स में एलडीसी का टेस्ट था। वापसी पर सुबह उन्होंने एचआटीसी बस काउंटर से हमीरपुर के लिए अपने बेटे को टिकट लिया। बस काउंटर में कार्यरत कर्मी ने कहा कि एचआरटीसी चंबा डिपो की बस में दस नंबर सीट बुक हो गई है। दिव्यांग प्रमाण पत्र सरकारी बसों में निशुल्क बस सफर की सुविधा देता है। इसलिए दिव्यांग अमित ने अपना टिकट नहीं लिया। बस सुबह सात बजे चंबा बस स्टैंड से निकली। दस किलोमीटर का सफर ही हुआ था कि बस परिचालक ने अजय से टिकट मांगा। अजय सिंह ने दिव्यांग प्रमाण पत्र दिखाया लेकिन परिचालक ने इसे निशुल्क बस सफर के लिए अमान्य बताया। अजय सिंह ने बस परिचालक को समझाया लेकिन परिचालक नहीं माना और अजय सिंह को फटकार लगाते हुए मंगल गांव के जंगल में बस से उतार दिया। अजय सिंह को अपने बेटे को अकेले ही उस बस में भेजना पड़ा। कुछ समय बाद एचआरटीसी की अन्य बस में अजय सिंह चढ़े और दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर निशुल्क बस सेवा का लाभ प्राप्त किया।




बोर्ड पर लिखा है कोई भी पास मान्य नहीं

एचआरटीसी चंबा डिपो की इस बस के रूट बोर्ड पर लिखा है कि यह बस सुपर फास्ट है। इस बस में कोई भी पास मान्य नहीं है। बस के रूट बोर्ड पर बस का नंबर कुछ और है। वहीं, बस की नंबर प्लेट में नंबर कुछ और है।
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कोट

एचआरटीसी चंबा आरएम सुगल सिंह ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है। दिव्यांगजनों को एचआरटीसी बसों में निशुल्क सफर का प्रावधान है। ऐसी कोई नोटिफिकेशन नहीं है जिसमें दिव्यांग प्रमाणपत्र को निशुल्क सफर के लिए अमान्य बताया गया है। संबंधित बस परिचालक से संपर्क किया गया है। उसे समझा दिया गया है। मौखिक रूप से चेतावनी दी गई है और निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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